बरेली। सिक्खों का मुख्य पर्व खालसा साजना दिवस (327 वां बैसाखी पर्व) मंगलवार को धूमधाम से कूर्मांचल नगर स्थित खालसा ग्राउंड में मनाया गया। श्री गुरु ग्रंथ साहब की सवारी फूलों से सजी कार से कार्यक्रम स्थल पहुंची। पंज प्यारे खुली जीप में सवार होकर साथ में पहुंचे। दरबार साहब से आए परमजीत सिंह वाद्य यंत्र नरसिंघा बजाते हुए साथ में चल रहे थे। बोले सो निहाल सत श्री अकाल के जयकारों के बीच साहिब श्री गुरु ग्रंथ साहब को विशेष तख्त साहब पर विराजमान किया गया। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर हुई शब्द गुरवाणी की अमृत वर्षा ने साध संगतों को भिगो दिया। उस्ताद मनदीप सिंह द्वारा निर्मित गुरवाणी कीर्तन फुलवाड़ी के बच्चियों ने नियमित व मर्यादित रागों में शबद गायन किया। तख्त श्री केशगढ़ साहब से आए सिमरनदीप सिंह एवं पानीपत से आये हरकीरत ने कीर्तन कर संगत को निहाल किया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण श्री दरबार साहब के कवलजीत सिंह रहे। जिन्होंने हुकुमनामा साहब का गायन किया। अरदास हुकुमनामा के बाद गुरू की संगत ने जयकारों की गूंज के साथ दीवान समाप्त हुआ। इस दौरान हजारों की संगत ने गुरु का लंगर छका। तमाम संगठनों ने छबील, ठंडाई, जलजीरा, जलसेवा, आइस क्रीम आदि के स्टाल के अलावा धार्मिक पुस्तकों के स्टाल, पगड़ी बांधने के स्टाल लगाए। स्कूलों द्वारा संगत को फ्री बस सेवा प्रदान की गई। इस दौरान सांसद छत्रपाल गंगवार, मेयर डॉ. उमेश गौतम, वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार, विधायक संजीव अग्रवाल, भाजपा महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना ने माथा टेक आशीष प्राप्त किया। गुरदीप सिंघ बग्गा, राजेंदर सिंह, अमरजीत सिंघ बक्शी, हरनाम सिंह, राणा प्रताप सिंह, बलविंदर सिंह, मनदीप सिंह, अमनदीप सिंह, गुरप्रीत सिंह, गुरदर्शन सिंह, अमरजीत बग्गा, एमपी सिंह, चंदर मोहन, जसपाल सिंह आदि रहे।।
बरेली से कपिल यादव
