बरेली। नगर निगम क्षेत्र मे लगातार हो रही बिजली कटौती का असर अब पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ने लगा है। शहर के कई इलाकों मे आठ से 12 घंटे तक बिजली न आने से नगर निगम के ट्यूबवेल पंप बंद पड़े रहे, जिससे पानी की सप्लाई लड़खड़ा गई। जहां लाइट नहीं वहां पानी भी नहीं मिल रहा है। हालत ऐसे बन गए है कि लोग बाजार से पीने का पानी खरीद रहे है। किला, हरूनगला, पवन विहार, महानगर, कोहाड़ापीर, सुभाषनगर, सनसिटी, संजय नगर, सिविल लाइंस, बिहारीपुर, जसौली, पुराना शहर और आजम नगर समेत कई क्षेत्रों की करीब ढाई लाख आबादी पेयजल संकट से प्रभावित रही। भीषण गर्मी के बीच पानी की सप्लाई बाधित होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। कई इलाकों में लोग पानी भरने के लिए हैंडपंपों और निजी टैंकरों का सहारा लेते नजर आए। पूर्व उपसभापति अतुल कपूर का कहना है कि बिजली कटौती के कारण सुबह और शाम की नियमित जलापूर्ति पूरी तरह प्रभावित रही। खासतौर पर मलिन बस्तियों का बुराहाल है। माधवबाड़ी, हरिजन बस्ती, लोधा बस्ती, शाहदाना कॉलोनी समेत कई क्षेत्रों में पानी आपूर्ति नहीं हो रही है। जलकल विभाग को कई बार सूचना दी गई लेकिन न तो बस्तियों में वाटर टैंकर भेजे और न ट्यूबवेलों पर जनरेटर लगाए गए। वहीं नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि बिजली आपूर्ति सामान्य होते ही ट्यूबवेल संचालन और जलापूर्ति को नियमित किया जाएगा।किला निवासी अजीम खान, सुभाषनगर निवासी शिवम मिश्रा, हरूनगला निवासी संजय सिंह, आजमनगर निवासी इरफान, माधवबाड़ी की रहनेवाली उषा देवी, पवन विहार के निवासी पंकज कुशवाहा ने बताया कि नगर निगम के ट्यूबवेल बिजली पर निर्भर हैं। जैसे ही कटौती बढ़ती है, पूरे इलाके में पानी का संकट खड़ा हो जाता है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।।
बरेली से कपिल यादव
