मीरगंज, बरेली। पिछले 27 सालों में मादक पदार्थों के तस्कर पंकज उपाध्याय उर्फ पंकज शर्मा ने अकूत संपत्ति कमाई। उसने अपनी लाइफ स्टाइल को लग्जरी बनाया। थार जैसी कार और आलीशान मकान बनाया। उसने अपने बेटे को भी इस धंधे में संलिप्त कर दिया। दोनों के विरुद्ध अलग-अलग थानों मे 14 मुकदमे दर्ज किए गए। इसमें पंकज पर 10 और उसके बेटे रोहित पर चार मुकदमे हैं। पुलिस ने अब आरोपितों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की है। जिसमें आरोपितों की कुल 3.20 करोड़ रुपये की चल अचल संपत्ति को फ्रीज किया गया है। पुलिस के अनुसार मीरगंज के गुलड़िया गांव निवासी पंकज उपाध्याय वर्ष 1999 से स्मैक तस्करी में सक्रिय है। उसने न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि दिल्ली व मध्य प्रदेश में भी अपना नेटवर्क फैला लिया है। वह व्यावसायिक मात्रा में स्मैक की तस्करी करते हुए कई बार गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है। हालांकि, जमानत पर छूटने के बाद वह फिर से इसी काम को करना शुरू कर देता था। आरोपित पंकज को लगा कि इसमें मोटा मुनाफा है तो उसने वर्ष 2021 से अपने बेटे रोहित को भी इस अवैध कारोबार में शामिल कर लिया। इसके बाद दोनों मिलकर तस्करी करते थे। पुलिस ने उसे भी कई बार जेल भेजा है। दोनों पिता-पुत्र शातिर अपराधी हो चुके हैं जिन्होंने अंतरराज्यीय स्तर पर बड़े पैमाने पर तस्करी कर अकूत संपत्ति कमाई। पुलिस का कहना है कि आरोपितों ने अपने क्षेत्र में इस कदर खौफ बना दिया है कि लोग इनके विरुद्ध गवाही देने को भी तैयार नही है। पंकज उपाध्याय वर्तमान मे जेल में बंद हैं मगर उसका बेटा अभी फरार चल रहा है। मंगलवार को पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत 3.20 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति को फ्रीज किया है। इसमें चार वाहन और चार प्लाट शामिल है।।
बरेली से कपिल यादव
