निशुल्क इलाज करवाने वाले मरीजों को बाहरी जांचों के लिए प्रेरित करने वाले लपकों पर सख्ती के दिये निर्देश : भुवनेश्वर सिंह चौहान

राजस्थान/बाड़मेर- जिला प्रशासन द्वारा आमजन को बेहतर एवं पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार सक्रियता से कार्य कर रहा है। इसी क्रम में अतिरिक्त जिला कलक्टर भुवनेश्वर सिंह चौहान ने शुक्रवार को जिला चिकित्सालय नाहटा का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने चिकित्सालय परिसर में सक्रिय लपकों द्वारा मरीजों को बाहरी प्रयोगशालाओं में जांच कराने के लिए प्रेरित किए जाने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर भुवनेश्वर सिंह चौहान ने अस्पताल की प्रयोगशाला, जांच कक्षों एवं विभिन्न वार्डों का अवलोकन किया। उन्होंने प्रयोगशाला में उपलब्ध सुविधाओं, जांच उपकरणों तथा मरीजों को दी जा रही सेवाओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री निशुल्क जांच योजना के तहत अस्पताल में सभी आवश्यक जांचें निःशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही हैं, ऐसे में किसी भी मरीज को बाहरी प्रयोगशाला में जांच कराने की आवश्यकता नहीं पड़नी चाहिए।

उन्होंने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिले तथा किसी भी परिस्थिति में मरीजों को निजी प्रयोगशालाओं की ओर रेफर नहीं किया जाए। यदि कोई व्यक्ति मरीजों को भ्रमित कर बाहरी जांचों के लिए प्रेरित करता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध तत्काल प्रभाव से सख्त कार्रवाई की जाए।

अतिरिक्त जिला कलक्टर ने निरीक्षण के दौरान अस्पताल में उपस्थित मरीजों एवं उनके परिजनों से संवाद कर जांच सुविधाओं, रिपोर्ट मिलने की समयबद्धता एवं उपचार व्यवस्था के संबंध में जानकारी प्राप्त की। कई मरीजों ने अस्पताल में उपलब्ध जांच सुविधाओं को संतोषजनक बताया, वहीं कुछ ने रिपोर्ट मिलने में देरी की समस्या भी बताई। इस पर चौहान ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जांच रिपोर्ट निर्धारित समय सीमा में उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए ताकि मरीजों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. कमलेश चौधरी को निर्देशित करते हुए कहा कि अस्पताल परिसर में लपकों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाए तथा मरीजों को जागरूक करने के लिए सूचना बोर्ड एवं हेल्प डेस्क की व्यवस्था भी प्रभावी बनाई जाए। उन्होंने कहा कि आमजन का सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर विश्वास बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रशासन एवं चिकित्सा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

— राजस्थान से राजूचारण

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