बरेली। जनपद मे मोबाइल कारोबारी आशुतोष अग्रवाल के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच दूसरे दिन भी जारी है। सौ करोड़ रुपये के कथित जीएसटी फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की टीम ने मंगलवार सुबह मोबाइल कारोबारी के मारवाड़ीगंज स्थित आवास पर छापा मारा था। रात करीब 12 बजे तक टीम कारोबार से जुड़े दस्तावेजों की जांच करती रही। इसके बाद टीम चली गई। बुधवार सुबह छह बजे टीम फिर कारोबारी के आवास पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। एक माह पहले पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा की ईडी ने गिरफ्तार किया था। अब इस मामले की जांच बरेली तक पहुंच गई है। बरेली के सिविल लाइंस स्थित आईक्रेस्ट स्टोर के मालिक आशुतोष अग्रवाल के आवास पर ईडी ने सुबह करीब सात बजे छापा मारा था। मोबाइल कारोबारी के आवासीय परिसर में ही कार्यालय और गोदाम हैं। देर रात तक टीम ने कारोबार संबंधी डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन के कागजात खंगाले। आशुतोष अग्रवाल आईक्रेस्ट स्टोर संचालक के साथ ही हिंदुस्तान लीवर, आईटीसी, कैडबरी समेत अन्य कई नामचीन कंपनियों के डिस्ट्रीब्यूटर, स्टॉकिस्ट और कैरिंग एंड फॉरवार्डिंग (सी एंड एफ) है। जांच एजेंसी को संदेह है कि फर्जी कंपनियों और कागजी लेनदेन के जरिए जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट का दुरुपयोग किया गया है। साथ ही धन के प्रवाह और कथित मनी लॉन्ड्रिंग की भी पड़ताल की जा रही है। एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर धन किन व्यक्तियों और संस्थाओं तक पहुंचा तथा क्या राउंड-ट्रिपिंग के जरिए धन शोधन किया गया। तलाशी के दौरान रिकॉर्ड, बैंकिंग लेनदेन , मोबाइल फोन, कंप्यूटर, डिजिटल उपकरणों और अन्य दस्तावेजों की जांच की गई। जांच एजेंसी को संदेह है कि फर्जी कंपनियों और कागजी लेनदेन के जरिए जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट का दुरुपयोग किया गया है। साथ ही धन के प्रवाह और कथित मनी लॉन्ड्रिंग की भी पड़ताल की जा रही है। एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर धन किन व्यक्तियों और संस्थाओं तक पहुंचा तथा क्या राउंड-ट्रिपिंग के जरिए धन शोधन किया गया। तलाशी के दौरान रिकॉर्ड, बैंकिंग लेनदेन , मोबाइल फोन, कंप्यूटर, डिजिटल उपकरणों और अन्य दस्तावेजों की जांच की गई।।
बरेली से कपिल यादव
