सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के शौचालय में दिया दो माह की विवाहिता ने बच्चे को जन्म

शाहजहांपुर -एक मासूम को जिंदगी में आनें से पहले ही देखनें को मिला मौत का मंजर शादी से पहले प्रेग्नेंट पत्नी ने आठ माह के बच्चे को सामुदियक स्वास्थ्य केंद्र तिलहर के शौंचालय में दिया। जन्म से दो महीनें पूर्व हुई थी शादी। नई नवेली विवाहिता पत्नी ने इतना ही नहीं शौंचालय में पैदा हुए बच्चे को शौंचालय की सीट में ही जिन्दा घुसेड़कर गायब करनें का प्रयास किया । नर्स के अंदर पहुंच जानें पर राज खुल गया|
जानकारी के अनुसार यह सनसनी खेज मामला तहसील तिलहर के अंतर्गत ग्राम मरेना से आया है। जहाँ पर दो माह पूर्व सुमित नामक युवक के साथ उक्त युवती का विवाह हुआ था। आपको बता दें की यहमामला थाना तिलहर के ही ग्राम बरखेड़ा हवेली निवासी का है। जहाँ पर इस युवती के साथ हिन्दू रीति रिवाज के साथ 18/04/18 को विवाह हुआ था और इस विवाह से सभी परिजन खुश थे लेकिन किसी को क्या मालूम था कि जिस परिवार में सब हंसी खुशी के साथ एक दूसरे से हंसी मजाक कर खुशियाँ मना रहे हैं। वहां पर माहौल गंम में तब्दील हो जायेगा। क्योंकि उक्त विवाहिता के अचानक पेट में दर्द होना शुरु हो गया परिजनों ने समझा की नई नबेली दुल्हन है। हो सकता है कि कोई दिक्कत हो रही होगी परिजनों ने आनन फानन में अपनी नई नवेली दुल्हन को सामुदियक स्वास्थ्य केंद्र तिलहर में इमरजेन्सी में भर्ती करा दिया। जहाँ पर नई नबेली दुल्हन बाथरूम जानें के लिए कहकर बाहर निकल गई और जब तक नर्स ने उसका पीछा किया तबतक वह पुरुष शौंचालय में जा घुसी जब नर्स ने देखा की उक्त युवती अभी भी बाहर नहीं निकली है| तो उसने परिजनों को आवाज लगाई और किसी अनहोनी के होनें की बात कही इस पर नर्स सूचि ने शौंचालय में जब घुस कर देखा तो नर्स सूचि के होश उड़ गए उसनें देखा की विवाहिता दुल्हन ने अपनें बच्चे को सर की तरफ से टॉयलेट की सीट में उसे घुसेड़ रखा था अगर उक्त नर्स सूचि जरा भी लेट हो जाती तो मासूम बच्चा अपनी जिन्दगी से हाथ धो बैठता।
*शादी की खुशियाँ बदलीं गमों में*
जहाँ इस अनोखी शादी के चर्चे हर जगह हर मोड़ पर हो रहे हैं| तो वहीं लड़के के परिजन गम और बेइज्जती महसूस कर अपनें बेटे की किस्मत को कोस रहे हैं ।परिजनों का कहना है कि मुझे पता होता कि लड़की के परिवार वाले मेरे साथ ऐसा करेंगे तो मै यह शादी कभी भी भूल कर नहीं करता|
आखिर क्या कसूर है।इस मासूम का जो यह बे मौत मारा जा रहा था । दो पाटों के बीच में पीसा जा रहा है|आखिर क्या गुनाह है| इस मासूम का इस मासूम का तो वस यही कसूर है| कि उसे दुनिया में लानें वाले का नाम नहीं मिला है और उसको अपनें अय्याश बाप के कर्म की सजा उसे भुगतनी पड़ रही है।
वहीं दूसरी और लड़की के परिजन कुछ भी बोलनें को तैयार नहीं हैं और न ही अपनीं लड़की के किसी से अफेयर की बात स्वीकार कर रहे हैं।तो वहीं लड़के के परिजन यह बच्चा लेनें को तैयार नहीं हैं। इसी को लेकर लड़के ने उक्त विवाहिता को तलाक देनें की बात कही है।
पुलिस से पूछें गये सवाल पर पुलिस ने कहा कि अभी हम इस प्रकरण में कुछ भी नहीं बोल सकते हैं। अगर मुझे इस संदर्भ में कोई तहरीर मिलती है तो हम इस प्रकरण में घटित घटना का मुकदमा दर्ज कर उक्त हत्या की आरोपी पत्नी एवं उसके साथ लिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही करेंगे।
-शाहजहांपुर से अंकित कुमार शर्मा की रिपोर्ट

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