सत्य की जीत:दरोगा को फिर मिला चार्ज

उत्तराखंड/देहरादून-सत्य विवश हो सकता है पराजित कदापि नही।” यह बात आज फिर साबित हो गयी।आपको बता दे कि सोशल मीडिया पर 18अप्रैल को एक कंपैन शुरू हुआ था ‘JUSTICE FOR DEEPAK DHARIWAL’ जो आज खत्म हो गया। इसमे आज देहरादून की जनता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती को सराहा है। ऐसा सुलझा हुआ सच्चा अधिकारी कभी नही देखा। यही कारण है कि देहरादून की जनता किसी भी नेता से अधिक अपनी SSP को चाहती है। वो है भी ऐसी। सच्ची और न्यायप्रिय।

आपको बता दें कि कुछ छुटभैया नेताओं और दो बीजेपी विधायकों के दबाव में उप निरीक्षक दीपक धारीवाल को सहसपुर थाने से निलंबित कर दिया गया था। सोशल मीडिया पर इस लड़ाई को लड़ा गया और दलाल नेता अन्तः बैकफुट पर आ गए।आज खबर आई कि दीपक धारीवाल जी को श्यामपुर पुलिस चौकी प्रभारी नियुक्त किया गया।

क्या था मामला जानें जो शुरू हुई सोशल मीडिया पर जंग

JUSTICE FOR DEEPAK DHARIWAL
सहसपुर थाने के कर्तव्यनिष्ठ दरोगा दीपक धारीवाल को चोरी के अंतरराजीय गिरोह को खोलने की जिम्मेदार दी गयी। कर्तव्यपरायणता और निष्ठा की उत्कृष्ठ मिसाल पेश करते हुए इस अधिकारी ने साजिद पुत्र इनाम निवासी भरोटीवाला (अपराध संख्या 171/2018) को गिरफ्तार किया और उससे चोरी की 8 गाड़ियां बरामद की। अभी पोल पट्टी खुल ही रही थी कि एक छुटभैया के बरगलाने पर सत्ताधारी दो विधायक मुन्ना सिंह चौहान और सहदेव पुंडीर सहसपुर थाने आ पहुंचे और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों से बदतमीज़ी की सभी हदे कूद गए।
सत्ता के नशे में चूर ये नेता भूल गए कि ये एक शातिर अपराधी की पैरवी कर रहे थे जिससे 8 मोटरसाइकिल अब तक बरामद हो चुकी है और अभी और 9 वाहन चोरी के बरामद होने बाकी है। इन दो विधायकों ने इस कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी दीपक धारीवाल को ससपेंड करा दिया । हालांकि बाद में दोनों विधायकों ने अपने ऊपर लगाये गये आरोपों को निराधार बताया था। अब सबाल यह था कि
क्या कोई सच्चा पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी करेगा? या
इन नेताओ पर कोई अंकुश नही लगा सकता जो एक शातिर अपराधी को बचाने थाने आते है। आखिर कार खाकी के साथ न्याय हुआ ।

साभार-अमित तोमर एडवोकेट

पौड़ी से इन्द्रजीत सिंह असवाल की रिपोर्ट

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