बांदा – उत्तर प्रदेश सरकार और बेसिक शिक्षा विभाग बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का नारा लगाकर बेटियों को शिक्षित करने दावा कर रहे हैं वहीं हकीकत इसके उलट है।
घर से माता पिता यह सोचकर बच्चों को स्कूल भेजते हैं कि वो वहां शिक्षा ग्रहण करेंगे।
उत्तर प्रदेश के बांदा जनपद अन्तर्गत अकबरपुर पूर्व माध्यमिक विद्यालय में कुछ अलग ही अध्ययन कराया जाता है।प्रधानाचार्य राजकुमार पांडे द्वारा बच्चियों से मिड डे मील का खाना बनवाया जाता है।
आपको बता दें कि पूरा मामला जनपद बांदा के विकासखंड महुआ अंतर्गत पूर्व माध्यमिक विद्यालय अकबरपुर ( दम्मा के पुरवा का है) जहां स्कूल में पढ़ने वाली बेटियां चूल्हा फूंकते रोटियां बेलते हुए मिड डे मील का मध्यान्ह भोजन स्कूल की अध्यापिका वन्दना की उपस्थिति में बनाती हैं।
विद्यालय की प्रधानाचार्य बालिकाओं से ही रोटियां बेलवाते हैं।गौरतलब है कि इस विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजकुमार पांडे हैं।स्थानीय रहवासियों की माने तो उक्त अध्यापक दर्शनार्थ विद्यालय में उपस्थित होते हैं ।विद्यालय सहायक अध्यापक के भरोसे रहता है । बालिकाओं ने बताया कि मास्टर साहब विद्यालय नहीं आते हैं।
बांदा से अनवर राजा की रिपोर्ट
