बरेली। भारत की जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों के तहत बुधवार को डीएम अविनाश सिंह ने जनपद में प्रगणकों और सुपरवाइजरों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया। मौलाना आजाद इंटर कॉलेज और तिलक इंटर कॉलेज पहुंचकर उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता परखी और प्रशिक्षण ले रहे कार्मिकों से समस्याओं की जानकारी ली। इसके अलावा चारों जोन में 54 कार्मिक अनुपस्थित मिले हैं। इन सभी को नोटिस जारी किया गया है। इन सभी पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। बुधवार को डीएम ने प्रशिक्षण कक्षों में पहुंचकर प्रशिक्षण प्रक्रिया का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि जनगणना राष्ट्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है। इससे मिलने वाले आंकड़ों के आधार पर देश के विकास के लिए नीतियां और योजनाएं तैयार की जाती हैं। भविष्य की जरूरतों और चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए विकास की कार्ययोजना बनाने में भी इन आंकड़ों की अहम भूमिका होती है। ऐसे में जनगणना कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही नहीं होनी चाहिए। अपर नगर आयुक्त शशिभूषण राय ने बताया कि नगर निगम सीमा के अंदर चारों जोन के राजकीय पॉलिटेक्निक, तिलक इंटर कॉलेज, मौलाना आजाद इंटर कॉलेज में 1005 कार्मिकों को प्रशिक्षण था। जोन 1 में 31, जोन 2 में 13 और जोन 3 में एक और जोन चार में 9 कार्मिक अनुपस्थित पाए गए हैं। सभी अनुपस्थित रहे कार्मिकों को नोटिस जारी कर कार्रवाई की जा रही है। इन सभी पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, अपर जिलाधिकारी नगर डॉ. अविनाश त्रिपाठी, अपर नगर आयुक्त शशि भूषण राय, नगर मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा, अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम संत रंजन सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। जीजीआईसी में जनगणना 2027 के द्वितीय चरण के तहत 598 प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण हुआ। इसमें दो सुपरवाइजर और 12 प्रगणक अनुपस्थित रहे। चार्ज अधिकारी तहसीलदार सदर प्रशांत अवस्थी ने बताया कि इनके विरुद्ध उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। निर्धारित 40 सवाल ही पूछें, दस्तावेज न मांगें : डीएम ने कार्मिकों को निर्देश दिए कि 21, 22 और 24 अक्तूबर को आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को पूरी गंभीरता से लें। प्रशिक्षण के दौरान किसी भी सवाल या शंका का समाधान प्रशिक्षकों से अवश्य प्राप्त करें, ताकि वास्तविक जनगणना के समय परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि जनगणना के दौरान निर्धारित 40 प्रश्न पूछे जाने हैं। सभी कार्मिक निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें और किसी भी व्यक्ति से दस्तावेज या प्रमाण की मांग न करें। डीएम ने कहा कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य है और इसमें प्रत्येक कार्मिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। सभी कर्मचारी सकारात्मक दृष्टिकोण, पूरी क्षमता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।।
— बरेली से कपिल यादव
