बरेली। संविदाकर्मियों की हड़ताल के चलते समस्याओं से जूझ रहे स्वास्थ्य विभाग की परेशानी गुरुवार से और बढ़ गई। उप्र एड्स कंट्रोल सोसाइटी कर्मचारी संघ ने भी गुरुवार से हड़ताल कर दी है। पूरा दिन कर्मचारियों ने काम नहीं किया और एआरटी सेंटर पर ताला बंद रहा। इससे सबसे अधिक परेशानी दवा लेने आए एचआईवी पाजिटिव मरीजों को हुई। उप्र एड्स कंट्रोल सोसाइटी कर्मचारी संघ ने कई दिन पहले ही हड़ताल की चेतावनी दी थी। इस बाबत एआरटी सेंटर, संपूर्ण सुरक्षा क्लीनिक समेत कई जगह सूचना भी चस्पा की गई थी। कर्मचारी संघ की तरफ से मरीजों को सूचना देते हुए पहले से ही दवा लेने की अपील भी की गई थी। नौकरी की सुरक्षा, 20 प्रतिशत अतिरिक्त मासिक पारिश्रमिक, 30 लाख रुपये के टर्म इंश्योरेंस, म्यूचुअल ट्रांसफर जैसी कई मांग को लेकर गुरुवार से कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी। एआरटी सेंटर पर पूरा दिन ताला बंद रहा। संपूर्ण सुरक्षा क्लीनिक में भी कर्मचारियों ने कोई काम नहीं किया। इसके चलते मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई एचआईवी पाजिटिव दवा लेने पहुंचे तो एआरटी सेंटर पर ताला बंद रहा। इसी तरह पहले से जांच करा चुके लोगों को जांच रिपोर्ट लेने में दिक्कत हुई। कुछ दिन पहले ही जिला अस्पताल का बच्चा वार्ड बीमार बच्चों से फुल हो गया था। वार्ड में 35 बच्चे भर्ती थे। इसमें 22 निमोनिया पीड़ित थे। उसके बाद संविदाकर्मियों का कार्य बहिष्कार और हड़ताल शुरू हुई। इससे ओपीडी-आईपीडी पर असर दिखा और मरीजों की संख्या कम हो गई है। गुरुवार को जिला अस्ताल के बच्चा वार्ड में 17 बच्चे भर्ती थे। ओपीडी पर दिखने लगा असर : संविदाकर्मियों की कई दिन से जारी हड़ताल का असर जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी तक दिखने लगा है। इस समय वायरल बुखार, निमोनिया, सांस की बीमारियां और मलेरिया-डेंगू जैसी बीमारियों का हमला अधिक होता है।
— बरेली से कपिल यादव
