राज्यसभा पहुंचीं श्रुति गंगवार, बरेली में खुशी की लहर

* संतोष गंगवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम, समर्थकों को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जिम्मेदारी की भी उम्मीद

बरेली। झारखंड के राज्यपाल एवं बरेली से आठ बार सांसद रहे संतोष गंगवार की पुत्री श्रुति गंगवार के राज्यसभा पहुंचने से बरेली में उनके समर्थकों और शुभचिंतकों में उत्साह का माहौल है। लंबे समय से सामाजिक गतिविधियों और जनसेवा से जुड़ी श्रुति गंगवार के राज्यसभा सदस्य बनने को समर्थक उनके राजनीतिक सफर की महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देख रहे हैं।
सरल, सहज और सौम्य व्यक्तित्व के लिए पहचान रखने वाली श्रुति गंगवार ने कम समय में सामाजिक क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। खासतौर पर शिक्षा के क्षेत्र में उनकी सक्रियता चर्चा में रही है। करीब दो वर्ष पूर्व उन्होंने अपने निजी संसाधनों से बड़ी संख्या में बेसिक विद्यालयों में बैग किट एवं अन्य आवश्यक सामग्री वितरित कराई थी। इस पहल से शिक्षक समुदाय और अभिभावकों के बीच भी उनकी सकारात्मक छवि बनी।
वर्तमान में अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक की चेयरमैन के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहीं श्रुति गंगवार लगातार सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हैं। भारत सेवा ट्रस्ट के माध्यम से भी सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में उनकी भागीदारी रही है। समर्थकों का मानना है कि राज्यसभा में पहुंचने के बाद बरेली और आसपास के क्षेत्रों की जनसमस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का उन्हें व्यापक अवसर मिलेगा।
राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की चुनौती
संतोष गंगवार की लंबी राजनीतिक पारी के बाद उनकी बेटी का सक्रिय राजनीति में स्थापित होना बरेली की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। समर्थकों का कहना है कि संतोष गंगवार ने जिस सादगी, सहजता और जनसंपर्क की राजनीति के जरिए बरेली में अपनी मजबूत पहचान बनाई, उसी विरासत को श्रुति गंगवार आगे बढ़ा सकती हैं।
बरेली की राजनीति में इससे पहले भी कई नेताओं ने अपनी राजनीतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन संतोष गंगवार के मामले में यह प्रक्रिया अपेक्षाकृत अधिक प्रभावी दिखाई देती है। समर्थकों के बीच यह चर्चा भी है कि श्रुति गंगवार की सामाजिक सक्रियता, युवा चेहरा और सहज व्यवहार उन्हें आने वाले समय में भाजपा की राजनीति में बड़ी भूमिका के लिए तैयार कर सकता है।
केंद्रीय भूमिका को लेकर बढ़ीं उम्मीदें
राज्यसभा में पहुंचने के बाद श्रुति गंगवार की राजनीतिक भूमिका को लेकर अब अटकलों का दौर भी शुरू हो गया है। उनके समर्थकों को उम्मीद है कि सक्रियता, संगठनात्मक क्षमता और जनसरोकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को देखते हुए भविष्य में उन्हें केंद्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है।
हालांकि केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित जिम्मेदारी को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन समर्थकों के बीच इसे लेकर उत्साह जरूर है। उनका मानना है कि यदि श्रुति गंगवार को केंद्र में जिम्मेदारी मिलती है तो इससे बरेली की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूती मिल सकती है।
राज्यसभा में नई भूमिका के साथ श्रुति गंगवार के सामने अब बरेली की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और अपने पिता संतोष गंगवार की राजनीतिक विरासत को नई दिशा देने की बड़ी जिम्मेदारी भी होगी। समर्थकों को भरोसा है कि भारत सेवा ट्रस्ट के माध्यम से जनसेवा और राजनीतिक मंच के जरिए जनप्रतिनिधित्व—दोनों भूमिकाओं का बेहतर समन्वय देखने को मिलेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *