फरीदपुर, बरेली। जनपद के थाना फरीदपुर क्षेत्र के मर्सी अस्पताल को पंजीकरण नोडल अधिकारी डॉक्टर लइक अंसारी ने सील कर दिया है। अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर अंतिम चेतावनी दी गई है। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर अस्पताल का पंजीकरण निरस्त कर दिया जाएगा। नोडल अधिकारी ने इलाके के दो अन्य अस्पतालों को भी मानक के अनुरूप व्यवस्था नहीं मिलने पर नोटिस जारी किया है। फरीदपुर के फर्रखपुर के सचिन ने गर्भवती पत्नी मुस्कान को मर्सी अस्पताल मे भर्ती कराया था। यहां सिजेरियन डिलीवरी हुई और उसने बेटे को जन्म दिया था। परिजनों का आरोप है कि इलाज की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने, लापरवाही के चलते नवजात की मौत हो गई। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनुराग गौतम के निर्देशन में गठित कमेटी ने जांच के दौरान पाया कि वहां सी सेक्शन एवं एनेस्थीसिया, विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं, नवजात शिशु देखभाल, ऑक्सीजन व्यवस्था, मेडिकल स्टोर-फार्मेसी, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन, फायर सेफ्टी, भवन सुरक्षा और अस्पताल संचालन से संबंधित पर्याप्त व्यवस्थाएं नही थीं। जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद पंजीकरण नोडल अधिकारी डॉक्टर लइक अंसारी ने शुक्रवार को मर्सी अस्पताल का निरीक्षण किया। मौके पर कोई स्टाफ नहीं था। एक चौकीदार था। डॉक्टर अंसारी ने अस्पताल में ओपीडी, वार्ड सील कर दिया है। साथ ही नोटिस जारी कर अंतिम चेतावनी देते हुए तीन दिन में स्पष्टीकरण देने को कहा है। बेसमेंट मे चल रही थी पैथलॉजी: पंजीकरण नोडल अधिकारी डॉक्टर लइक अंसारी ने फरीदपुर में कई अन्य निजी अस्पतालों का भी निरीक्षण किया। नोडल अधिकारी रहनुमा ग्लेज अस्पताल पहुंचे। वहां मानक के अनुरूप अग्निशमन उपकरण की व्यवस्था नहीं थी। बेसमेंट में पैथलॉजी चल रही थी। बेसमेंट सील कर दिया गया है। बालमिशन अस्पताल का निरीक्षण किया जहां कई खामियां मिली। वहां बायो मेडिकल वेस्ट का प्रबंधन सही नही था।।
बरेली से कपिल यादव
