बसपा अकेले लड़ेगी यूपी चुनाव, मायावती बोली आरएसएस की कथनी-करनी मे अंतर

लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रदेश में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस द्वारा गठबंधन करने की कवायदों पर पानी फेर दिया है। उन्होंने बृहस्पतिवार को देश भर के पदाधिकारियों की बैठक में कहा कि अन्य पार्टियों की तरह कांग्रेस तो हर मामले में जबरदस्त दलित व आंबेडकर विरोधी पार्टी है, जिसका इतिहास किसी से छिपा नहीं है। ऐसी स्थिति में अब बसपा ने देश भर में सभी छोटे-बड़े चुनाव अकेले ही लड़ने का फैसला लिया है। उन्होंने अपने संबोधन मे कहा कि वर्तमान में जेन-जी व जेन-अल्फा आदि की गंभीर समस्याओं को दूर करना जरूरी है। राज्यों के साथ केंद्र सरकार भी इन मामलों को गंभीरता से लेना चाहिए। वहीं दुनिया के कई हिस्सों में जारी जंग को लेकर कहा कि इसकी वजह से तेजी से बदल रहे हालात एवं सुरक्षा उपायों के दृष्टिगत भारत की रणनीति मजबूत होनी चाहिए। उन्होंने देश में बढ़ रही महंगाई और प्राकृतिक आपदाओं को भी चिंताजनक करार दिया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे के दौरान भारत की अनेकता में एकता आदि संबंधी बातों का संज्ञान लेते हुए कहा कि भारत में बहुजन समाज के करोड़ों लोगों के हित, कल्याण और उनके आरक्षण के संवैधानिक अधिकार के साथ-साथ महिलाओं, मुस्लिम व अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के जान-माल व मजहब की सुरक्षा आदि के मामलों में आरएसएस की कथनी व करनी में जमीन-आसमान का अंतर होने के कारण ही विश्वसनीयता का अभाव है। यह संगठन काफी पुराना होने के बावजूद वह मान्यता व सम्मान अर्जित नहीं कर पाया, जो वे चाहते हैं। इसलिए आरएसएस के लोग डॉ. भीमराव आंबेडकर के मानवतावादी संविधान में अपनी आस्था व निष्ठा रखकर उस पर खुद ईमानदारी से अमल करें। अपने लोगों को भी इसके लिए बाध्य करें जो देशहित में उचित होगा। इससे देश अपार गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा को दूर करके विकास की ओर तेजी से अग्रसर होगा। बसपा की स्थापना भी इसी उद्देश्य से हुई थी। सरकार में रहने या नहीं रहने पर भी बसपा लगातार इसके लिए संघर्षरत है। यही देश की जातिवादी व जनविरोधी पार्टियों के खिलाफ बसपा की पहचान है। बसपा सुप्रीमो ने पदाधिकारियों से पिछली बैठकों में दिए गए निर्देशों पर हुए अमल की प्रगति की रिपोर्ट ली और उनका पूरी ईमानदारी व निष्ठा से अनुपालन करने की हिदायत दी। वहीं हर वर्ष की तरह अपने जन्मदिन पर पार्टी को आर्थिक सहयोग देने के निर्देश भी दिए, जिस पर सभी ने अपनी सहमति जताई। उन्होंने आगामी 9 अक्तूबर को कांशीराम की पुण्यतिथि पर यूपी में प्रदेश स्तर पर तथा अन्य राज्यों में जोन स्तर पर खुली संगोष्ठी आयोजित करने का निर्देश दिया। दिल्ली में बहुजन समाज प्रेरणा स्थल, जहां कांशीराम का अस्थिकलश प्रतिष्ठापित है, वहां श्रद्धा-सुमन अर्पित करने को कहा।।

बरेली से कपिल यादव

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