हिबा ग्रीन फाउंडेशन की पहल से सेंट टेरेसा स्कूल के छात्रों ने समझे जलवायु परिवर्तन के कारण और समाधान

ग्रेटर नोएडा एक्सटेंशन। सेंट टेरेसा स्कूल, ग्रेटर नोएडा एक्सटेंशन में कक्षा 8वीं और 9वीं के विद्यार्थियों के लिए जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण पर एक जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन हिबा ग्रीन फाउंडेशन की ओर से किया गया, जिसका संचालन फाउंडेशन की संस्थापक हिबा खान ने किया।
सत्र के दौरान विद्यार्थियों को जलवायु परिवर्तन के प्रमुख कारणों और उसके बढ़ते प्रभावों के बारे में सरल एवं संवादात्मक तरीके से जानकारी दी गई। विशेष रूप से वनों की कटाई (Deforestation) को जलवायु संकट से जोड़ते हुए बताया गया कि पेड़ों की लगातार कमी पर्यावरणीय संतुलन को प्रभावित करती है और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के जोखिम को बढ़ा सकती है। विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि जंगल केवल पेड़ों का समूह नहीं हैं, बल्कि वे मिट्टी, पानी, जैव विविधता और जलवायु संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने पर भी चर्चा हुई। विद्यार्थियों को बताया गया कि मानवीय गतिविधियों के कारण वातावरण में ग्रीनहाउस गैसों की मात्रा बढ़ रही है, जिससे पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है और इसका प्रभाव हिमनदों पर भी दिखाई दे रहा है।
सत्र का एक महत्वपूर्ण विषय पशुपालन और जलवायु परिवर्तन भी रहा। विद्यार्थियों को बताया गया कि कैटल फार्मिंग और अन्य कृषि गतिविधियों से मीथेन तथा नाइट्रस ऑक्साइड जैसी शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन होता है, जो जलवायु परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस दौरान भोजन की आदतों और उनके पर्यावरणीय प्रभाव पर भी चर्चा हुई।
चर्चा के दौरान छात्रों ने वीगन डाइट और प्लांट-बेस्ड भोजन के प्रति अपनी जिज्ञासा और रुचि दिखाई। विद्यार्थियों ने पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली से जुड़े कई सवाल भी पूछे और चर्चा में सक्रिय भागीदारी की।
सत्र के अंत में विद्यार्थियों ने अर्बन फॉरेस्ट्री जैसी गतिविधियों में भाग लेने के प्रति भी उत्साह व्यक्त किया। उन्होंने आगामी शनिवार को सेक्टर-2, नोएडा एक्सटेंशन, एरोज़ सम्पूर्णम के पास प्रस्तावित पौधारोपण गतिविधि में शामिल होने की इच्छा जताई।
हिबा खान ने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि जलवायु परिवर्तन केवल सरकारों या बड़ी संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के छोटे-छोटे निर्णय भी बदलाव की दिशा तय कर सकते हैं।

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