फरीदपुर, बरेली। फरीदपुर नगर मे ई-रिक्शों की बढ़ती संख्या यातायात व्यवस्था के लिए चुनौती बनती जा रही है। गली-मोहल्लों से लेकर मुख्य बाजार और भीड़भाड़ वाले इलाकों में दिनभर ई-रिक्शों की आवाजाही से जाम की स्थिति बनी रहती है। इन सबके बीच ईरिक्शा की कमान बच्चों ने संभाल रखी है। पुलिस और यातायात पुलिस इस अव्यवस्था पर रोक नहीं लगा रही। इससे राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ई रिक्शा के बढ़ती संख्या से समस्या तो पैदा हो रही है साथ ही सबसे अधिक समस्या स्कूल कॉलेजों की छुट्टी के समय होती है। छुट्टी के दौरान एक साथ बड़ी संख्या में ई-रिक्शों के मुख्य मार्गों पर पहुंचने से यातायात की रफ्तार थम जाती है। कई चालक बाजार और सड़क किनारे वाहन बेतरतीब ढंग से खड़े कर देते हैं। नाबालिगों के ई-रिक्शा चलाने का मामला भी लोगों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में कम उम्र के बच्चों के वाहन चलाने से हादसे का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चालकों की लापरवाही से कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं लेकिन पुलिस और यातायात पुलिस ध्यान नहीं दे रही है। पूर्वी में क्रांसिग हुई बंद जाम में फंसी एंबुलेंस : फतेहगंज पूर्वी मे रविवार शाम करीब चार बजे बिलपुर रेलवे क्रॉसिंग पर उस समय अफरा तफरी की स्थिति बन गई, जब क्रॉसिंग लंबे समय तक बंद रही। एक के बाद एक कई ट्रेनों के गुजरने के साथ स्लीपर से लोड मालगाड़ी को डाउन दिशा से अप दिशा के लिए चेंजओवर किया गया। इस प्रक्रिया में अधिक समय लगने से रेलवे क्रॉसिंग काफी देर तक नहीं खुल सकी। त्योहार के बाद घर लौटने को उमड़ी भीड़ के कारण सड़क पर वाहनों का दबाव पहले से ही अधिक था। क्रॉसिंग बंद होते ही दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम में बाइक और कारों के साथ 112 पुलिस की गाड़ी और एंबुलेंस भी फंस गईं। आपातकालीन वाहनों के फंसने से लोगों में नाराजगी दिखाई दी। जाम में फंसे लोग वाहनों को निकालने की कोशिश करते रहे, लेकिन व्यवस्था संभालने और वाहनों को पास कराने के लिए मौके पर पुलिसकर्मी नजर नहीं आए।।
बरेली से कपिल यादव
