बरेली। शहर के बरेली क्लब मैदान मे पार्थ गौतम फाउंडेशन की ओर से आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम में महापौर डा. उमेश गौतम और उनके बेटे पार्थ गौतम को राखी बांधने के दौरान अचानक अफरातफरी मच गई। उपहार पाने की होड़ में मंच की ओर अधिक भीड़ होने से महिलाओं में धक्का-मुक्की हो गई। इससे सतीपुर निवासी भगवान सिंह की पत्नी 45 वर्षीय मधु घायल हो गईं। उन्हें मिशन अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी सांसें थम गईं। तीन अन्य घायल महिलाएं जिला अस्पताल गई। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। महापौर उमेश गौतम बीते कुछ वर्षों से रक्षाबंधन पर बड़ा आयोजन कर रहे हैं। इसमें वह और उनके बेटे युवा सेवक संघ और पार्थ गौतम फाउंडेशन के अध्यक्ष पार्थ गौतम महिलाओं से राखी बंधवाते हैं और उन्हें उपहार भी देते हैं। पिछले वर्ष करीब 15 हजार महिलाओं से राखी बंधवाई थी। इस बार 20 हजार महिलाओं को आमंत्रण दिया था। बरेली क्लब के मैदान पर उसी के हिसाब से व्यवस्थाएं की थी। सुबह दस बजे से शुरू हुए कार्यक्रम में महापौर डा. उमेश गौतम और उनके बेटे पार्थ को राखी बांधने के लिए शहर के साथ ही आसपास की तहसीलों से भी बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंची। महिलाओं के साथ बच्चे और पुरुष भी आ गए, जिससे भीड़ बढ़ गई। दोपहर तीन बजे तक सब ठीक रहा। उसके बाद अचानक महिलाओं की भीड़ अपेक्षा से अधिक संख्या मे मंच की ओर पहुंचने लगी। एक के ऊपर एक बढ़ती महिलाओं को देख मंच से महिलाओं को धैर्य बनाने और व्यवस्था मे सहयोग की अपील की जाती रही लेकिन उसका असर नही दिखा। इसी दौरान भगदड़ की स्थिति बन गई। लोग एक-दूसरे को बचाने के चक्कर मे इधर-उधर भागने लगे। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी चपेट में आ गए। इसमें पीलीभीत बाइपास रोड स्थित चंद्रगुप्त पुरम निवासी पूर्व सैनिक भगवान सिंह की पत्नी मधु भी गंभीर रूप से घायल हो गई। मिशन अस्पताल में उन्हें चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। उनकी मौत की घटना के बाद इंटरनेट मीडिया पर रक्षाबंधन कार्यक्रम में भगदड़ मचने की सूचना तेजी से प्रसारित होने लगी। मधु के भाई अनेस सिंह ने बताया कि उनकी बहन मुहल्ले की कई महिलाओं के साथ बरेली क्लब मैदान मे महापौर व पार्थ गौतम को राखी बांधने गई थी। इसी दौरान अफरा तफरी मचने से वह हादसे का शिकार हो गई। उन्होंने कार्यक्रम में सुरक्षात्मक व्यवस्था मे लापरवाही भी बरतने का आरोप लगाया।।
बरेली से कपिल यादव
