36 लाख की ठगी में विप्रा पर दो और मुकदमे, अब तक 41 मुकदमे दर्ज

बरेली। सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर ठगी करने वाली फर्जी आईएएस विप्रा शर्मा, उसकी बहन शिखा शर्मा और पिता वीरेंद्र शर्मा के खिलाफ बारादरी थाने में दो अन्य मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। आरोप है कि नायब तहसीलदार और बीडीओ के पद पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर आरोपियों ने 36 लाख रुपये की ठगी की। पहली रिपोर्ट सुभाषनगर की ग्रेटर कैलाश कॉलोनी निवासी माधव ने ग्रेटर ग्रीन पार्क निवासी विप्रा शर्मा, उसकी बहन शिखा शर्मा और पिता वीरेंद्र शर्मा पर लिखाई है। माधव की वर्ष 2024 में शिखा से मुलाकात हुई तो उसने पीसीएस की भर्ती निकलने की बात कही और अपनी बहन डॉ. विप्रा शर्मा के जरिये नायब तहसीलदार बनवाने का झांसा दिया। इसके बाद वह विप्रा और उसके पिता वीरेंद्र से मिले। नवंबर 2024 से जून 2025 तक 23.5 लाख रुपये का भुगतान के बाद आरोपियों ने उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र भेज दिए। समाचारपत्रों से जालसाजी का पता चला तो अब उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराई। दूसरी रिपोर्ट भी ग्रेटर कैलाश की रहने वाली कौशल्या ने इन्हीं तीनों आरोपियों पर दर्ज कराई है। उनकी मुलाकात भी शिखा से हुई, जो उनके भाई के मेडिकल पर दवा लेने आती थी। 2024 में ही बीडीओ की नौकरी का झांसा देकर उनसे 12.5 लाख रुपये की ठगी कर ली। उन्हें भी फर्जी नियुक्तिपत्र भेजे और फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ तो जेल भिजवाने की धमकी दी। इस पर उन्होंने भी रिपोर्ट दर्ज कराई है। बारादरी पुलिस ने 28 अप्रैल को फर्जी आईएएस गैंग का भंडाफोड़ कर डॉ. विप्रा शर्मा, उसकी बहन शिखा शर्मा और ममेरी बहन दीक्षा पाठक को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। उसके पिता वीरेंद्र शर्मा समेत गैंग में शामिल कुछ अन्य आरोपी अभी फरार हैं। डॉ. विप्रा शर्मा इस गैंग की सरगना है, जो खुद को आईएएस बताती थी। लोगों से वह एसडीएम और एडीएम बनकर मिलती थी। अन्य दोनों बहनें युवाओं को नौकरी का झांसा देकर फंसाकर लाती थी। अब तक इस गैंग के खिलाफ बारादरी, कोतवाली, सुभाषनगर, किला और इज्जतनगर थाने में 41 मुकदमे दर्ज हो चुके है।।

बरेली से कपिल यादव

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *