राजधानी से आए विशेषाधिकारी द्वारा बालोतरा जिला मुख्यालय पर सरकारी अस्पताल का किया औचक निरीक्षण

राजस्थान/बाड़मेर – चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री के जयपुर स्थित विशेषाधिकारी डॉ. केसर सिंह ने जिला अस्पताल बालोतरा का आकस्मिक निरीक्षण कर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, रक्त की उपलब्धता, दवाइयों एवं आवश्यक संसाधनों की स्थिति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आमजन को बेहतर एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

डॉ. केसर सिंह ने जिले में स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जिले के सभी राजकीय चिकित्सा संस्थान स्थानीय स्तर पर लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक ब्लॉक मुख्यालय पर प्रतिमाह कम से कम एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से रक्तदान शिविर आयोजित होने से स्थानीय स्तर पर पर्याप्त रक्त भंडार उपलब्ध रहेगा और जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त मिल सकेगा। उन्होंने विशेष रूप से प्रसूता महिलाओं के गंभीर ऑपरेशन के दौरान रक्त की आवश्यकता को गंभीरता से लेते हुए कहा कि अस्पतालों में पर्याप्त रक्त उपलब्ध रहने से आपात स्थिति में गर्भवती महिलाओं को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे प्रसूताओं के परिजनों को रक्त की व्यवस्था अथवा रिप्लेसमेंट के लिए अनावश्यक रूप से इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षित मातृत्व के लिए प्रसव सेवाओं के साथ-साथ आवश्यक रक्त की उपलब्धता भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में आयोजित होने वाले सभी स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों में राजकीय ब्लड सेंटर की अधिकृत रक्त संग्रहण टीम के माध्यम से ही रक्त संग्रहण कराया जाए। इससे रक्त की गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित होने के साथ-साथ संबंधित क्षेत्र में रक्त की उपलब्धता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने ब्लड सेंटर के अधिकारियों को ई-रक्तकोष पोर्टल पर प्रतिदिन रक्त की उपलब्धता का अद्यतन विवरण दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर नियमित एवं सही जानकारी अपडेट रहने से जिले में उपलब्ध रक्त भंडार की प्रभावी निगरानी की जा सकेगी तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित ग्रुप के रक्त की उपलब्धता के बारे में तत्काल जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।

डॉ. केसर सिंह ने जिला अस्पताल में उपलब्ध विभिन्न चिकित्सा उपकरणों की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी चिकित्सा संस्थानों में उपलब्ध उपकरणों की सूची तैयार करने तथा खराब अथवा अनुपयोगी उपकरणों की पहचान कर तत्काल मरम्मत अथवा आवश्यकतानुसार प्रतिस्थापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सा संस्थानों में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग हो और उपकरणों के खराब रहने के कारण मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अस्पताल में दवाइयों एवं चिकित्सा सेवाओं में उपयोग होने वाली आवश्यक उपभोग्य सामग्री की उपलब्धता की भी जानकारी ली। अधिकारियों को निर्देश दिए कि मरीजों के उपचार में उपयोग होने वाली आवश्यक दवाइयों और अन्य सामग्री का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा जाए, ताकि किसी भी मरीज को उपचार के दौरान आवश्यक सामग्री के अभाव का सामना नहीं करना पड़े।

निरीक्षण के दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं पर भी विशेष चर्चा की गई। डॉ. केसर सिंह ने कहा कि जिले के सभी डिलीवरी पॉइंट वाले चिकित्सा संस्थानों में आवश्यक मानव संसाधन, चिकित्सा उपकरण, दवाइयां, रक्त एवं अन्य जरूरी सुविधाएं पूर्ण रूप से उपलब्ध रहनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व जांच से लेकर प्रसव और प्रसवोत्तर अवधि तक गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। विशेषकर गंभीर एवं जटिल प्रसव के मामलों में समय पर आवश्यक उपचार एवं रेफरल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को लेकर किसी प्रकार का जोखिम न रहे। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अस्पताल में विभिन्न चिकित्सा व्यवस्थाओं एवं उपलब्ध संसाधनों की जानकारी दी। डॉ. केसर सिंह ने चिकित्सा अधिकारियों से कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की कमी सामने आने पर उसका तत्काल समाधान किया जाए और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वांकाराम चौधरी, डॉ. राणुलाल खत्री, जिला कार्यक्रम अधिकारी विजय सिंह सहित अन्य चिकित्सा अधिकारी एवं चिकित्सा स्टाफ उपस्थित रहे।

— राजस्थान से राजूचारण

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