बरेली। नगर निगम सोमवार को उस समय जंग का मैदान बन गया, जब मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे संविदा सफाई कर्मचारियों ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय में जमकर हंगामा किया। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भानु प्रकाश के साथ न केवल अभद्रता की और उनका गिरेबान पकड़ा, बल्कि एक महिला की ओर से लाए गए डिब्बे से चूड़ियां निकालकर उनके मुंह पर भी मार दी। घटना के वक्त नगर स्वास्थ्य अधिकारी अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। दफ्तर में अचानक हुए इस बवाल के बाद नगर निगम परिसर में हड़कंप मच गया और अन्य विभागों के कर्मचारी भी अपने कमरों से बाहर निकल आए। हंगामे और नारेबाजी के बाद कर्मचारी नेता आशीष कुमार अपने करीब 20 साथियों के साथ मौके से वापस लौट गए। इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी तुरंत नगर आयुक्त संजीव मौर्य को दी गई, जिसके बाद नगर स्वास्थ्य अधिकारी की ओर से कोतवाली में नामजद तहरीर सौंपकर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। दूसरी ओर, कर्मचारी नेता आशीष कुमार ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह निराधार बताया है। उनका कहना है कि वे लोग केवल शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन सौंपने गए थे। उन्होंने कर्मचारियों की समस्या साझा करते बताया कि डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में तैनात संविदा कर्मचारियों को सरकारी आदेश के अनुसार 13 हजार रुपये मानदेय मिलना चाहिए, लेकिन उन्हें केवल 7500 रुपये ही दिए जा रहे है। जिसका कर्मचारी लंबे समय से विरोध कर रहे हैं। वहीं इस मामले पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भानु प्रकाश का कहना है कि ये संविदा कर्मचारी ठेकेदार के माध्यम से रखे गए हैं और स्वास्थ्य विभाग का इनसे सीधा कोई लेना-देना नहीं है। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के कारण दिनभर नगर निगम में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।।
बरेली से कपिल यादव
