बरेली। बेसिक शिक्षा विभाग में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। नियमों की स्पष्ट जानकारी न होने के चलते एक प्रधानाध्यापिका समय से पहले ही सेवानिवृत्त हो गई। स्कूल में विदाई पार्टी का आयोजन भी हो गया। अब उन्हें पता चला कि उनकी नौकरी एक साल और शेष है। मामला प्राथमिक विद्यालय साहूकारा का है। यहां तैनात प्रधानाध्यापिका शकुंतला भास्कर 30 मार्च को कागजी कार्रवाई पूरी करके सेवानिवृत्त हो गई। उन्होंने बाकायदा लिखित रूप में विद्यालय का कार्यभार सहायक अध्यापिका कविता को सौंप दिया। साथी स्टाफ ने उन्हें विदाई पार्टी दी। शिक्षिका की ओर से सभी को भोज भी कराया गया। जब उनकी पेंशन से जुड़ी फाइल अग्रसारित की गई तब जाकर उन्हें और विभाग को नियमों की जानकारी हुई। दरअसल, शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार जिस भी शिक्षक की जन्मतिथि दो अप्रैल के बाद की होती है। उसे सत्रांत लाभ दिया जाता है और उसकी सेवानिवृत्ति अगले वर्ष 31 मार्च को तय होती है। इस नियम की जानकारी मिलते ही शिक्षिका ने पुनः ज्वाइनिंग के लिए विभागीय प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग ने साहूकारा स्कूल को भी अगले आदेश तक कंपोजिट विद्यालय जसौली मे शिफ्ट कर दिया है। इस वजह से भी दिक्कतें आ रही है। इस मामले में शिक्षिका से बात करने की कोशिश की गई मगर उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। बीईओ तौसीफ अहमद ने बताया कि सेवानिवृत्ति से जुड़े शिक्षिका के कागज अग्रसारित नहीं किए गए हैं। आज ही इसकी जानकारी मिली है। संबंधित शिक्षिका को आवश्यक दस्तावेजों के साथ कार्यालय बुलाया गया है।।
बरेली से कपिल यादव
