योगाभ्यास की असीमित शक्ति और उसकी आवश्यकता को पहचान रहा है मानव – श्रीमाली

सम्भल। श्रीकल्कि पधारो धरती पर श्रंखला के तहत आध्यात्मिक गुरु पं राधेश्याम श्रीमाली के निर्देशन में शिव गोरख मंदिर समिति द्वारा आयोजित कैम्प कार्यालय पंजू सराय स्थित योगेश्वर गोरक्षनाथ महातपा और योग शिविर के 46 बें दस दिवसीय द्वितीय महोत्सव के तीसरे दिन की सौर मंडल के पांचवे ग्रह गुरु बृहस्पति की पूजा अर्चना कर यथायोग्य दान सामग्री समर्पित करके यज्ञ.योगाभ्यास अठरादेव अठराक्षरी जाप वृह्ममांड वंदना कर भारत राष्ट्र समृद्धि श्रीकल्कि के शीघ्र प्राकट्य को प्रार्थना की गयी इस अवसर पर योगी डॉ॰ नागेन्द्र मोहन श्रीमाली ने कहा की शुद्ध सनातन चेतन भारतीय संस्कृति जो मानव जीवन में आने बाली तमाम समस्याओं को समाप्त करने व मानव योनि पाने के उद्देश्य को पूर्ण करने का अथाह खजाना है। जिसकी एक कड़ी का नाम है। योगासन प्राणायाम जिसके दिव्य चमत्कारिक असीमित शक्ति के प्रभाव को हम अनुभव करके उसकी आवश्यकता को समझने लगे हैं। किन्तु इसके पूर्ण लाभ के लिए दो चार या दस दिन योगाभ्यास से पूर्ण लाभ पहुँच बाला नहीं वरन हमे इसके नियमित अभ्यास की आवश्यकता है। तभी हम स्वस्थ शांत और संतोषजनक आनंदमय जीवन जीने के पथ पर पहुँच सकेगे। आज अन्ना सैनी सूरज पाल यादव भीकम सरन राघव सैनी नितिन सैनी लक्षमन सिह साधना जिला प्रमुख आनंद सैनी हर्षवर्धन ध्रुव कुमार रिशिका मोहन श्रीमाली
अमरोहा इकाई अध्यक्ष आनंद कुमार लाला भूकन सरन यशवर्धन मनोज श्रीमाली रुद्रांश श्रीमाली सूर्याश श्रीमाली अश्विनी श्रीमाली कैलाश चन्द्र शर्मा कृष्णा मोहन जितेन्द्र गुप्ता लोकेश श्रीमाली हर्ष वर्धन तनिष्क श्रीमाली सहित समिति सभी पदाधिकारी व बुद्धि के मंडल रुकमनी देवी सुनिता देवी नीरज श्रीमाली लक्ष्मी श्रीमाली आरती श्रीमाली रिया श्रीमाली आंचल श्रीमाली शिवम श्रीमाली सलोनी देवी राखी देवी पूजा श्रीमाली सहित सदस्य व साधक साधिकाए उपस्थित रहे।

— सम्भल से सैय्यद दानिश

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