बरेली। हर साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के दिन गंगा दशहरा मनाया जाता है। गंगा सप्तमी के बाद गंगा जी का महत्वपूर्ण पर्व गंगा दशहरा है। इस बार गंगा दशहरा 25 मई को मनाया जाएगा। इस साल ज्येष्ठ माह में अधिकमास जुड़ रहा है। साथ ही गंगा दशहरा पर शुभयोग भी पड़ रहे हैं। पंडित सुशील पाठक ने बताया कि इस बार गंगा दशहरा सोमवार के दिन पड़ रहा है, जो भगवान शिव की पूजा के लिए भी अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन हस्त नक्षत्र और रवि योग और व्यतिपात योग बन रहा है। ज्येष्ठ मास के गंगा दशहरा पर्व के उपलक्ष्य में चौबारी स्थित रामगंगा घाट पर सोमवार को हजारों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाएंगे। दस पापों को हरने वाला पर्व गंगा दशहरा सोमवार को मनाया जाएगा। गंगा दशहरा को गंगावतरण के नाम से भी जाना जाता है। स्कंद पुराण के अनुसार, इस दिन गंगा स्नान के बाद तिलोदक द्वारा अर्घ्य देने से मनुष्य दस पापों से मुक्त हो जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, दशमी तिथि 25 मई को सुबह 4 बजकर 31 मिनट से शुरू होगी और 26 मई को सुबह 5 बजकर 11 मिनट तक रहेगी। इस साल गंगा दशहरा पर उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र और रवि योग का संयोग रहेगा। 25 मई को गंगा दशहरा पूर्णतः शास्त्र सम्मत है। इस पर्व पर गंगा स्नान कर दान करने से मनुष्य दस प्रकार के पापों से मुक्त होकर जीवन में मनोवांक्षित फल के साथ सुख भोगकर मोक्ष को प्राप्त होता है। इस महत्वपूर्ण स्नान पर्व को सकुशल संपन्न कराने के लिए तैयारियां शुरू हो गई है। घाट पर सफाई अभियान शनिवार को चला। स्नान के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं के उचित प्रबंधन के लिए गंगा घाट की साफ-सफाई, समतलीकरण, बेरीकेडिंग, विद्युत प्रकाश व्यवस्था और वाहन पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है। महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम और मोबाइल शौचालय भी उपलब्ध कराए जाएंगे। सुरक्षा व्यवस्था के तहत गंगा के जलस्तर को ध्यान में रखते हुए गोताखोरों की तैनाती की जाएगी। घाटों पर जल स्तर के अनुसार बेरीकेडिंग लगाई जाएगी। गंगा दशहरा के दिन स्नान-दान 25 मई को सुबह 4 बजकर 31 मिनट से सर्वार्थ सिद्धि योग, उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र, रवि योग में प्रारंभ होकर पूरे दिन शुभ फल प्रदान करने वाला होगा। ब्रह्म पुराण और वाराह पुराण के अनुसार, इस दिन व्रत रहकर गंगाजल में स्थित होकर गंगास्तोत्र का दस बार पाठ करने के साथ मां गंगा का पूजन करने से दरिद्र व अक्षम व्यक्ति भी पापों से मुक्त होकर समस्त इच्छाओं की पूर्ति प्राप्त कर लेता है। इस दिन मां गंगा के पूजन में समस्त सामग्री दस की संख्या में चढ़ाना चाहिए, जैसे पुष्प, पान, लौंग, इलायची, फल, मिष्ठान, दीपक आदि। इस दिन दस ब्राह्मणों को यथा शक्ति दान अवश्य देना चाहिए।।
बरेली से कपिल यादव
