मातृभाषा, संस्कृति और रचनात्मकता के रंग में रंगे बच्चे, सप्ताह भर गूंजती रहीं ज्ञानवर्धक गतिविधियाँ
बरेली। बीएसए डॉ विनीता सिंह व बीईओ फरीदपुर शीश पाल सिंह के निर्देशन में कंपोजिट स्कूल नवादा बिलसंडी में आयोजित सात दिवसीय “भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर 2026” का मंगलवार को अत्यंत उत्साह, उल्लास एवं सांस्कृतिक गरिमा के साथ भव्य समापन हुआ। 13 मई से 19 मई 2026 तक चले इस शिविर में विद्यार्थियों ने भाषा, संस्कृति, साहित्य और रचनात्मक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। शिविर का आयोजन बी.एस.ए. बरेली आदरणीय डॉ. विनीता तथा बी.ई.ओ. फरीदपुर आदरणीय शीश पाल सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापक, राज्य पुरस्कृत एवं राज्य आईसीटी पुरस्कृत शिक्षक डॉ. अमित शर्मा ने बताया कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत मातृभाषा आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से शिविर का आयोजन किया गया, ताकि बच्चों में भाषाई दक्षता, रचनात्मकता और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना विकसित हो सके। पूरे सप्ताह विद्यालय परिसर विभिन्न गतिविधियों से गुलजार रहा। “मातृभाषा का महत्व” विषय पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में कक्षा सात की छात्रा नैंसी और श्रुतिलेख व वाद विवाद में प्रज्ञन्य शर्मा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। नीतू, नेहा, मनु आदि ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। भाषा अंताक्षरी, “मेरे गाँव की बोली”, स्थानीय शब्द संग्रह, समूह कहानी लेखन, चित्र आधारित कहानी निर्माण तथा कविता पाठ जैसी गतिविधियों में बच्चों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। लोकगीत एवं बाल कविता प्रतियोगिताओं ने सभी का मन मोह लिया। बच्चों ने देशभक्ति, प्रकृति, माँ, गुरु और मातृभाषा पर आधारित कविताओं का सस्वर पाठ कर उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। वहीं क्षेत्रीय लोकगीत प्रस्तुतियों ने स्थानीय संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की। “मोबाइल बनाम पुस्तक” विषय पर आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता शिविर का मुख्य आकर्षण रही। विद्यार्थियों ने तकनीक के लाभ और पुस्तकों के महत्व पर प्रभावशाली तर्क प्रस्तुत करते हुए कहा कि मोबाइल ज्ञान का माध्यम हो सकता है, लेकिन पुस्तकों का स्थान कोई नहीं ले सकता।भाषा मानचित्र गतिविधि के माध्यम से बच्चों को भारत के विभिन्न राज्यों की भाषाओं और बोलियों की जानकारी दी गई। इस गतिविधि ने विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एकता एवं भाषाई विविधता के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत किया।
समापन समारोह में प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डॉ. अमित शर्मा ने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और पहचान की आत्मा है। उन्होंने बच्चों को नियमित अध्ययन, पुस्तक पठन और भारतीय भाषाओं के संरक्षण हेतु निरंतर प्रयासरत रहने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में एस.एम.सी. अध्यक्षा सुनीता देवी सहित डॉ. अखिलेश उपाध्याय, प्रीति यादव, अम्बरीश प्रकाश मिश्रा, जला उद्दीन, कपिल जायसवाल, आशा कुमारी, ज्योति यादव, रमा चंदेल, लक्ष्मी देवी, सुनीता त्रिपाठी, संदेश सिंह एवं पूजा रानी सहित विद्यालय परिवार, अभिभावक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। शिविर के सफल आयोजन से विद्यालय एवं क्षेत्र में शिक्षा, भाषा और संस्कृति के प्रति सकारात्मक वातावरण निर्मित हुआ। बच्चों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, मंचीय कौशल तथा भारतीय भाषाओं के प्रति सम्मान की भावना विकसित हुई। विद्यालय परिवार का यह अभिनव प्रयास क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
