राजस्थान/बाड़मेर- राज्य सरकार गावों में विचरण करने वाले मूक प्राणीयों की शरण स्थलों को बड़ी बड़ी औधोगिक घरानों को पश्चिमी भाग में औरण गौचर भूमि सहित हजारों बीघा भूमि आधुनिक विकास के बहाने समर्थित सोलर कंपनियों द्वारा जीवों की आश्रय स्थलिया, चारागाह ,ओरण गोचर उजाड़े जा रहे हैं, साथ ही पश्चिमी राजस्थान से हो रही बेखौंफ ऊंट तस्करी से व्यथित होकर यह ऊंटनी राज्य के फलोदी जिले के अधीन नोख पुलिस थाने पहुंची अपनी फरियाद लेकर …..!
वर्तमान में अगर देखा जाए तो कुछ अपवादों को छोड़ इस जीव के सच्चे रक्षक राजस्थान पुलिस वाले ही है, .. मैं विगत कुछ वर्षों से नोट कर रहा हूं मौखमपुरा, सरूंड, कोटपुतली , बहरोड़ , गोविन्दगढ राजगढ़ और सीकर झुंझुनूं जिलो के सड़क मार्ग पर स्थित पुलिस थाने में तैनात ईमानदार पुलिसकर्मीयों ने जीवदया और कर्तव्य निर्वहन का उत्कृष्ट उदाहरण पेश करते हुए सैंकड़ों ऊंटों को मरने से बचाया है, इस रूट से हरियाणा यूपी सहित कई अन्य राज्यों के लिए अवैध रास्तों से ऊंटों की सीमापार तस्करी हो रही है।
है राज्य के मुखियाजी से कारूणिक निवेदन करते हैं, कि प्रदेश में ऊंटों की चिंताजनक गिरावट हो रही है, कृपया इस जीव के अस्तित्व को बचाए और पुलिस थानों के आगे से बेरोकटोक चल रही ऊंट तस्करी को सख्ती से रोकें , जहां 2003 में लगभग 4.98 लाख ऊंट थे वो घटते हुए 2019 में मात्र 2.30लाख रह गये और आजकल लुप्त जानवरों की श्रेणी में आ जाए तो फिर कोई गम नहीं।
— राजस्थान से राजूचारण
