विभाग की लापरवाही से रोज हो रही तीन मौते, बिजली व्यवस्था पर उद्यमियों ने उठाए सवाल

बरेली। जनसुनवाई मे राइस मिलर्स, उद्यमियों, व्यापारियों व उपभोक्ताओं के अलावा उपभोक्ता परिषद के लोगों ने अधिकारियों की कार्यशैली व बिजली व्यवस्था समेत तमाम सवाल किए। विद्युत नियामक आयोग को सैकड़ों शिकायतें प्राप्त हुई। आयोग ने सभी पक्षों की बातों को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार उचित कार्रवाई करने का आदेश दिया। जन सुनवाई में लोगों की समस्या सुनने आए अफसरों को उनकी विभाग की कमियों के वारे मे खूब सुनना पड़ा। साक्ष्यों के साथ उपभोक्ता फोरम के लोगों ने अपनी वात दमदार तरीके से रखी। विभाग की कमी से उपभोक्ताओं को उन परेशानियों का सामान करना पड़ रहा है। जीआईसी ऑडोटोरियम मे मंगलवार को हुई जन सुनवाई मे उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष अवधेश कुमार के तीखे सवालों के सामने ऑडिटोरियम मे सन्नाटा पसर गया। उन्होंने आंकड़ों के साथ बताया कि एक वर्ष में विभाग मे काम करते समय प्रदेश मे 1120 लोगों की जान चली जाती है। यानि प्रदेश मे प्रतिदिन तीन लोगों की मौत हो रही है। स्मार्ट मीटर की बात करते हुए उन्होंने साक्ष्य के साथ दिखाया कि एक उपभोक्ता ने अपने मीटर को पांच बार 1500 रुपये से रीचार्ज किया, लेकिन उसका मीटर चार्ज नही हुआ। दिए गए नंबरों पर जव उसने बात की तो सही जवाब नही मिल सका। उन्होंने स्मार्ट मीटर की वात को जब ऑडोटोरियम में बैठे लोगों से पूछा तो सवने तालियां बजाकर बात का समर्थन किया। उद्यमियों ने कहा सबसे अधिक समस्या वर्टिकल व्यवस्था लागू होने से शुरू शुरू हुई है। 24 दूर अब 18 घंटे भी बिजली सही से नही मिलती। उद्यमी संगठन व उनके नेताओं ने नियामक आयोग से आग्रह किया कि मैन पावर की कमी से जो अव्यवस्थाएं हो रही है उसे सही किया जाएगा। कोई भी टैरिफ तबतक बढ़ाया न जाए, जब तक सप्लाई समेत सभी व्यवस्था दुरुस्त न हो जाए। उपभोक्ताओं, व्यापारियों ने कहा कि सोलर से चलने वाली इंडस्ट्रियों को नेट मीटरिंग का फायदा नहीं मिल रहा है। इसे स्वीकृत करते हुए इसका लाभ दिलाया जाएगा। जनसुनवाई आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार, सेक्रेटरी सुमित कुमार अग्रवाल, सदस्य डॉ. संजयकुमार सिंह, डायरेक्टर टैरिफ सरबजीत सिंह ढींगरा, मध्यांचल विद्युत निगम की एमडी रिया केजरीवाल समेत अन्य मौजूद रहे। अध्यक्ष ने बताया अधिकांश समस्याएं व शिकायत एमडी स्तर की है। वह यहां मौजूद हैं इसलिए उम्मीद है कि इसका निस्तारण उनके स्तर से होगा। वहीं इंस्ट्रीयल फीडर की समस्याओं को लेकर कहा कि उद्यमी व व्यापारी हमारे रेवन्यू का मुख्य अंग है। जनसुनवाई आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार ने सभी शिकायतों को सुनने के बाद सौर ऊर्जा की ओर बढ़ने की जरूरत पर जोर दिया। कहा कि बिजली का भंडारण वर्तमान समय में संभव नहीं है, इसलिए आवश्यकता के अनुसार ही बिजली खरीदी जाती है।।

बरेली से कपिल यादव

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *