बरेली। रमजान के 21वें रोजे पर मजहब-ए-इस्लाम के चौथे खलीफा और पैगंबर-ए-इस्लाम के दामाद हजरत मौला अली की शहादत की याद में दरगाह आला हजरत पर महफिल का आयोजन किया गया। दरगाह के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां के निवास पर आयोजित इस कार्यक्रम में दरगाह सरपरस्त मौलाना सुब्हानी मियां की सरपरस्ती में मौला अली का दस्तरख्वान सजाया गया। दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि महफिल की शुरुआत तिलावत-ए-कुरआन पाक से हुई, जिसके बाद नात-ओ-मनकबत का नजराना पेश किया गया। इस दौरान मौजूद अकीदतमंदों ने हजरत मौला अली की शान में कलाम पेश कर उन्हें खिराज-ए-अकीदत पेश किया। सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने कहा कि हजरत मौला अली की शहादत 21 रमजान को हुई थी। वह इल्म, बहादुरी और इंसाफ की मिसाल थे। नासिर कुरैशी ने बताया कि रोजा इफ्तार से पहले फातिहा और दुआ की गई। इसके बाद सभी ने दरगाह सरपरस्त सुब्हानी मियां और सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां के साथ एक ही दस्तरख्वान पर बैठकर इफ्तार किया।।
बरेली से कपिल यादव
