बरेली। रमजान का चांद अगर बुधवार को नजर आ गया तो शहर की सभी प्रमुख दरगाहों, खानकाहों व मस्जिदों में नमाज ए-तरावीह शुरू हो जाएगी। वहीं, अगर आज चांद नजर नहीं आया तब फिर 19 फरवरी से नमाज-ए तराबीह शुरू हो जाएगी। इसको लेकर सभी मस्जिदों में तैयारियां पूरी कर ली गयी है। नमाजियों की सहूलियत के हिसाव से अलग अलग मस्जिदों में मुकम्मल कुरान के दिन तय कर दिए है। कारोबारियों की सहूलियत के लिए दो शिफ्टों में भी तरावीह का इंतजाम किया गया है। दरगाह आला हजरत के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि मुकम्मल कुरान का सिलसिला 6वें रमजान से 27में रमजान तक चलेगा। शहर में सवसे पहले छठे रोजे पर पुराना शहर वालजती स्कूल के पास गुलड़ बाली मस्जिद और बड़े बाजार की खैरुल्ला गली मस्जिद में कुरान मुकम्मल होगा। 26 वे रोजे को दरगाह आला हजरत स्थित रजा मस्जिद, दरगाह शाहदाना वली व किला की शाही जामा मस्जिद जसोली की पीराशाह मस्जिद समेत अधिकांश मस्जिदों में मुकम्मल होगा। आजम नगर की जामुन वाली मस्जिद में दो शिफ्टों में तरावीह की नमाज अदा की जाएगी। पहला मुकम्मल 22 वें रमजान को होगा। वहीं दूसरी शिफ्ट रात 10 बजे शुरू होगी इसका मुकम्मल 14 में रोजे को होगा। खन्नू मोहल्ले की मस्जिद अबू वक्र में वें रोजे को मुकम्मल होगा। दरगाह आला हजरत और दरगाह ताजुश्शरिया से आज रमजान का चांद देखने की अपील की गई है। दरगाह से हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए है। जमात रजा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान मिया ने कहा कि विश्व में सुन्नियों का मरकज बरेली शरीफ है और यहां से चांद का एलान किया जाता है। फरमान मियां ने कहा कि चांद नजर आते ही मरकजी बारुल इफ्ता रूयते हिलाल कमेटी जमात रजा-ए-मुस्तफा के हेड ऑफिस पर तुरंत संपर्क करने की अपील की गई है। ताकि चांद का ऐलान समय पर किया जा सके। जिला प्रशासन से मांग की कि रमजान के दौरान जिले भर मे साफ-सफाई, बिजली और पानी की सप्लाई सुचारू रूप से जारी रहे ताकि अवाम को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।।
बरेली से कपिल यादव
