प्रयागराज, बरेली। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत अधिकारों के संरक्षण से जुड़े एक मामले मे बरेली के डीएम और एसएसपी को एक पुराने आदेश की अवहेलना करने के आरोप मे अवमानना नोटिस जारी किया है। मामला बरेली के तारिक खान के घर के भीतर नमाज अदा करने से रोकने जुड़ा है। यह आदेश न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन एवं न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदनकी खंडपीठ ने दिया है। बरेली निवासी तारिक खान ने याचिका दाखिल कर आरोप लगाया कि गत 16 जनवरी को स्थानीय अधिकारियों ने उन्हें उनके निजी आवास के अंदर नमाज अदा करने की अनुमति नही दी। यह कार्रवाई उच्च न्यायालय के उस पूर्व आदेश का उल्लंघन है। जिसमें स्पष्ट किया गया था कि निजी परिसर मे प्रार्थना के लिए प्रशासन की अनुमति अनिवार्य नही है। कोर्ट ने सरकारी वकील से इस मामले मे जानकारी प्राप्त करने को कहा। साथ ही बरेली के डीएम व एसएसपी को न्यायालय के गत 27 जनवरी के आदेश की अवहेलना के लिए अवमानना अधिनियम 1971 के तहत नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। मरानाथ फुल गॉस्पेल मिनिस्ट्रीज बनाम उत्तर प्रदेश राज्य के मामले हाईकोर्ट ने व्यवस्था दी थी कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने निजी परिसर मे अपनी सुविधा के अनुसार प्रार्थना करने का अधिकार है। इसके लिए राज्य सरकार व प्रशासन से किसी अनुमति की आवश्यकता नही है। अनुमति की आवश्यकता केवल तब होगी जब प्रार्थना का आयोजन सार्वजनिक सड़क या संपत्ति तक फैल जाए। ऐसी स्थिति मे पुलिस को सूचित करना और कानूनी अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इस संबंध मे डीएम अविनाश सिंह ने कहा कि मीडिया के माध्यम से ही नोटिस की जानकारी हुई है। नोटिस प्राप्त होने के बाद तथ्यों का अध्ययन कर कोर्ट मे जवाब प्रस्तुत करेंगे।।
बरेली से कपिल यादव
