रिठौरा, बरेली। घने कोहरे के चलते रिठौरा मे गुरुवार की सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। कोहरे में संकेतक नही दिखने पर चालक ने अचानक ट्रक मोड़ा तो वह ई-रिक्शा पर चढ़ गया। हादसे के बाद चालक ट्रक छोड़कर फरार हो गया और मृतक व घायल उसके नीचे फंस गए। कुछ ही देर मे पुलिस मौके पर पहुंच गई लेकिन हाइड्रा व जेसीबी मंगाकर उन्हें निकालने में करीब घंटे लग गया। तब तक दो व्यक्तियों की मौत हो चुकी थी। इस हादसे के चलते मौके पर काफी देर तक जाम लगा रहा। जिसे खुलवाने में पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। रिठौरा मे सड़क चौड़ीकरण के चलते डायवर्जन होने से रास्ता काफी संकरा हो गया है। ऐसे में दोनों ओर के वाहन एक ही लेन से गुजरते हैं। नवाबगंज के यासीन नगर निवासी हासिम के ई-रिक्शा से गांव रिछोला किफायतुल्ला निवासी सलीम, रईसुद्दीन और नसरुद्दीन का ई-रिक्शा ट्रक के नीचे दब गया। हादसा देखकर चालक ट्रक छोड़कर फरार हो गया और चालक समेत ई-रिक्शा पर सवार चारों व्यक्ति उसमें फंस गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने हाइड्रा और जेसीबी मंगाकर ट्रक को उठाया तो चारों को बाहर निकाला जा सका। मगर तब तक सलीम व ई-रिक्शा चालक हासिम की मौत हो चुकी थी। गंभीर घायल रईसुद्दीन और नसरुद्दीन को पुलिस ने अस्पताल भिजवाया। इस प्रक्रिया मे एक घंटे से ज्यादा का समय लगा। हादसे के बाद हाईवे पर दोनों ओर से वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक व ई-रिक्शा को जेसीबी से हटवाकर जाम खुलवाया। मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर पुलिस ने परिवार वालों को सौंप दिया है। इस दौरान लोगों का कहना है कि समय रहते मदद मिल जाती तो शायद अन्य दो लोगों को भी बचाया जा सकता था। मगर गोल्डन ऑवर में मदद नही मिल सकी और दो लोगों की जान चली गई। गुरुवार शाम करीब साढ़े चार बजे एसडीएम सदर प्रमोद कुमार, एसडीएम नवाबगंज उदित पवार, सीओ नवाबगंज नीलेश मिश्रा, सीओ ट्रैफिक अंजनी कुमार तिवारी घटनास्थल पर पहुंचे और हादसे के कारणों की जानकारी ली। इस दौरान सामने आया कि चौड़ीकरण के दौरान डायवर्जन के लिए संकेतक लगाया गया है लेकिन वह दूर से नही दिखाई देता है।।
बरेली से कपिल यादव
