राजस्थान/बाड़मेर- टीम अभिषेक भरतपुर द्वारा रणजीत नगर स्थित कार्यालय पर बार एसोसिएशन समिति भरतपुर के नवनियुक्त अध्यक्ष के.के. उपाध्याय एवं वरिष्ठ शिक्षाविद्, प्रख्यात समाजसेवी प्रोफेसर बनय सिंह के सम्मान में भव्य स्वागत एवं अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया।
टीम अभिषेक भरतपुर के वरिष्ठ सदस्य त्रिलोक जैन उजाला ने जानकारी देते हुए बताया कि दोनों विशिष्ट अतिथियों को उनके सतत सामाजिक योगदान, बौद्धिक उपलब्धियों तथा जनसेवा के प्रति समर्पण भाव के लिए सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर प्रो. बनय सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि सामाजिक सरोकारों के प्रति समर्पित, सक्रिय एवं ऊर्जावान प्रतिष्ठित “टीम अभिषेक – भरतपुर” द्वारा आयोजित यह सम्मान समारोह उनके लिए अत्यंत भावुक, प्रेरणादायी एवं आत्मीय अनुभूति से परिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि समाज सेवा, जनहित और सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में कार्यरत ऐसे संगठनों का सहयोग समाज में नई चेतना और ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने टीम अभिषेक भरतपुर के सभी साथियों के प्रति हृदय से आभार प्रकट करते हुए कहा कि यह स्नेह, सम्मान और विश्वास उन्हें आगे भी सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के लिए निरंतर प्रेरित करता रहेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बार एसोसिएशन भरतपुर के नवनियुक्त अध्यक्ष के.के. उपाध्याय ने कहा कि अधिवक्ताओं द्वारा उन्हें जो विश्वास और जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसका निर्वहन वे पूर्ण निष्ठा, पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ करेंगे। उन्होंने आश्वस्त किया कि वे अधिवक्ताओं की सशक्त आवाज बनकर उनकी समस्याओं, अधिकारों एवं मांगों को प्रभावी ढंग से संबंधित मंचों तक पहुँचाने तथा उनके समाधान हेतु सतत संघर्ष करते रहेंगे।
इस अवसर पर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राजेश शर्मा (कुक्कल), एडवोकेट तरुण जैन, देवेंद्र पाल, श्री महबूब खान, टीटू कटारा, डॉ. सौरभ शर्मा, राकेश फौजदार, भारत कालरा, अमित गुप्ता, प्रतीक जैन, सुचित खंडेलवाल, कुमुद जैन सहित अनेक गणमान्य अधिवक्ता, बुद्धिजीवी एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में टीम अभिषेक भरतपुर के अध्यक्ष राकेश गोयनका सहित टीम के अनेक समर्पित एवं सम्मानित सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अतिथियों का पारंपरिक साफा, दुपट्टा एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया।
समारोह के दौरान समाजसेवा, विधि जगत, सामाजिक समरसता एवं जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक एवं सकारात्मक विचार-विमर्श भी हुआ, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और उद्देश्य दोनों और अधिक सुदृढ़ हुए।
– राजस्थान से राजूचारण
