बरेली। ठगी का भंडाफोड़ होने के बाद इसमे अहम भूमिका निभाने वाले कैनविज ग्रुप के एजेंट अब खुद को पीड़ित बताकर मुकदमा दर्ज कराने की जुगाड़ लगा रहे है। इसके पीछे पुलिस कार्रवाई से बचने और निवेशकों की देनदारी से बचने की तैयारी है। आपको बता दें कि कैनविज ग्रुप के जिम्मेदार निवेशकों की करोड़ों की रकम लेकर फरार हो चुके हैं। इसको लेकर ग्रुप के एमडी कनौया गुलाटी, उसकी पत्नी राधिका गुलाटी, बेटा गोपाल गुलाटी, मां मधु गुलाटी और रिश्तेदार आशीष महाजन समेत अन्य पर लगातार मुकदमे दर्ज हो रहे है। तीन प्रदेशों मे इस ठग गैंग के खिलाफ अब तक 36 मुकदमे दर्ज हो चुके है। निवेश की गई करोड़ों की रकम कन्हैया गुलाटी ने अपने ग्रुप के एजेंट के जरिये जुटाई। जिनको लोगों को फंसाने के बदले मोटा कमीशन दिया जाता था। अब ठगी के शिकार लोग इन लोगों से रकम मांगने उनके घर के चक्कर लगा रहे है। ऐसे मे देनदारी और जेल जाने से बचने के लिए ये लोग खुद भी रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पुलिस और नेताओं के चक्कर लगा रहे है। कन्हैया गुलाटी इस ठगी मे मदद करने वाले एजेंट को भी बड़ा मुनाफा देता था। जो व्यक्ति जितनी ज्यादा रकम दिलाता था। उसे उतना ही बड़ा पद और कार मिलती थी। लोगों को झांसे में लेने के लिए ये लोग ऑडी, जगुआर, थार जैसी लग्जरी कारें लेकर घूमते थे। मगर अब ठगी का भंडाफोड़ होने के बाद ये अंडरग्राउंड हो चुके है।।
बरेली से कपिल यादव
