बरेली। जिला पोषण समिति की बैठक में सीडीओ देवयानी ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, सैम-मैम, पोषण ट्रैकर एप में डेटा फीडिंग, वजन, टीएचआर, पुष्टाहार वितरण और अन्य कई योजनाओं की खराब स्थिति पर नाराजगी जताई। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज और पांच ब्लॉक के सीडीपीओ और सभी सुपरवाइजर और मीरगंज की तीन मुख्य सेविकाओं का वेतन रोकने का आदेश दिया है। विकास भवन सभागार में शुक्रवार को हुई समीक्षा बैठक में सीडीओ ने पाया कि पोषण ट्रैक एप पर डाटा फीडिंग समेत कई अन्य कार्यों मे रामनगर, आलमपुर, जाफराबाद, मीरगंज, शहर और बहेड़ी ब्लॉक लगातार पिछड़ रहे है। इनकी प्रगति दर लगातार घट रही है। सीडीओ ने स्पष्ट कहा कि सभी इंडिकेटर्स को शत प्रतिशत पूरा करना अनिवार्य है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समीक्षा के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों और लर्निंग लैब के निर्माण की स्थिति भी चिंताजनक पाई गई। वित्तीय वर्ष 2023-24 के पांच और वित्तीय वर्ष 2024-25 में बनने वाले 122 केंद्रों में केवल 92 पर कार्य चलने पर सीडीओ ने डीपीआरओ कमल किशोर को अधूरे और अनारंभ केंद्रों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। सीडीओ ने स्पष्ट कहा कि पोषण और शिक्षा से जुड़े किसी भी कार्यक्रम में शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वही जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में वाटर सप्लाई, रसोई घर निर्माण, बिजली कनेक्शन की खराब स्थिति पर महिला एवं बाल विकास निदेशालय ने नाराजगी जताई है। निदेशालय ने डीपीओ मनोज कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है। पिछले कुछ बताओ नोटिस है। जिले मे 2855 आंगनबाड़ी केंद्रों के सापेक्ष केवल 53.52 फीसदी मे पाइप्ड वाटर सप्लाई, 34.13 फीसदी में स्थाई किचन और 45.88 फीसदी में बिजली कनेक्शन है। डीपीओ को पाइप्ड वाटर सप्लाई के विषय में जल जीवन मिशन से समन्वय स्थापित करते हुए कार्य कराने का निर्देश दिया गया था।।
बरेली से कपिल यादव
