एवान-ए-फरहत पर रुकी बुलडोजर की कार्यवाही, कंपाउंडिंग प्रक्रिया का दिया समय

बरेली। एवान-ए-फरहत बारातघर पर हुई बुलडोजर कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संचालक पक्ष को राहत देते हुए बीडीए की ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर अस्थाई रोक लगाने का आदेश दिया है। यह फैसला उस याचिका पर सुनवाई के बाद आया। जिसे बारातघर के संचालक फरहत जहां ने दायर किया था। याचिकाकर्ता ने कोर्ट मे कहा कि बीडीए ने बिना उचित वैधानिक प्रक्रिया का पालन किए अचानक भवन को ध्वस्त करना शुरू कर दिया। न तो कोई नोटिस दिया गया और न ही किसी वैध आदेश की प्रति उपलब्ध कराई गई। उन्होंने इसे अवैध कार्रवाई बताते हुए हस्तक्षेप की मांग की। वही बीडीए की ओर से तर्क रखा गया कि बारातघर बिना स्वीकृत नक्शे और अनुमति के संचालित हो रहा था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को राहत दी है। अदालत ने संचालक को दो सप्ताह के भीतर नियमन एवं कंपाउंडिंग से संबंधित आवेदन बीडीए में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। साथ ही बीडीए से कहा गया कि आवेदन मिलने पर उसे छह सप्ताह के भीतर नियमानुसार निस्तारित किया जाए। इस अवधि के दौरान संपत्ति पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश भी दिया गया है। बीडीए संयुक्त सचिव दीपक कुमार ने बताया कि हाईकोर्ट ने यथास्थिति के आदेश दिए हैं। कोर्ट के आदेश जो भी हगि, उनका पूरी तरह अनुपालन किया जाएगा। संचालक के बेटे सैफ वली खां ने बताया कि हमारी ओर से अधिवक्ता वैभव माथुर ने ध्वस्तीकरण कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर चुनौती दी। सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि बीडीए जिस 2011 के आदेश का हवाला दे रहा है, न तो वह कभी संचालक को दिखाया गया और न ही अदालत में प्रस्तुत किया गया। कोर्ट ने ध्वस्तीकरण पर रोक लगा दी और कंपाउंडिंग प्रक्रिया पूरी करने के लिए समय दिया।।

बरेली से कपिल यादव

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