बरेली। सोमवार को कलेक्ट्रेट मे जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने कार्यक्रमों और अभियानों की समीक्षा की। गंगापुरम शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात संविदाकर्मी समेत काम में लापरवाही बरतने पर 11 आशा कार्यकत्रियों की सेवा समाप्त हो गई। सोमवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में सेवा समाप्ति के प्रस्ताव को जिलाधिकारी ने मंजूरी दी। साथ ही जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि शेरगढ़ में टीकाकरण कराने के बदले 10 हजार रुपये मांगने वाले ग्रामीण के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। बैठक में जिलाधिकारी ने आशा कार्यकत्रियों का भुगतान शीघ्र करने का निर्देश दिया। बैठक मे सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि शहरी क्षेत्र में आशा कार्यकत्री वर्षा सक्सेना जाटवपुरा, रानी बहेड़ी, प्रभापाल बहेड़ी, साधना शर्मा, चांदनी रस्तोगी, कल्पना जसौली, आशा देवी सिविल लाइंस और डौली घेर जाफर खां काम में लापरवाह है। उनकी सेवा समाप्ति का प्रस्ताव जिला स्वास्थ्य समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इसी प्रकार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिथरी चैनपुर के स्वास्थ्य अधीक्षक ने मोना ग्राम गिरधारपुर, निरंजना ग्राम पदाराथपुर और आशा रजनी ग्राम अहिलापुर की सेवा समाप्ति का प्रस्ताव रखा। बैठक मे उनकी सेवा समाप्त करने को मंजूरी दी गई। इसी तरह नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गंगापुरम पर तैनात संविदा सपोर्ट स्टाफ ज्योति प्रकाश पर आशा कार्यकत्रियों के भुगतान बाउचर को रद्दी में फेंकने का आरोप है और मुकदमा दर्ज कराया गया है। उसकी भी सेवा समाप्त कर दी गई है। बैठक मे वेब परिवारों की समीक्षा के बाद जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि टीकाकरण नहीं कराने वाले परिवारों की जानकारी उप जिलाधिकारी को देने के साथ उन पर कठोर कार्रवाई की जाए। ऐसे परिवारों को कोटे से राशन नही मिलेगा। बैठक में जननी सुरक्षा योजना के तहत संस्थागत प्रसव की समीक्षा हुई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी देवयानी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।।
बरेली से कपिल यादव
