बरेली। खानकाह ए नियाजिया में रविवार को आबिद मियां का 23वां एक रोजा उर्स मनाया गया। जिसमें देश में अमन-चैन और भाईचारे की दुआ मांगी गई। उर्स का आगाज सुबह फजर की नमाज के बाद कुरानख्वानी से हुआ। शाम को असर की नमाज के बाद महफिल ए शमा का आयोजन सज्जादानशीन शाह मेहंदी मियां नियाजी की सरपरस्ती में हुआ और कुल की रस्म अदा की गई। मुल्क व कौम की तरक्की, अमन और भाईचारे की दुआ की गई। दरगाह पर चादरपोशी भी की गई। खानकाह के कासिम मियां ने बताया कि आबिद मियां अपने वक्त के आलिम-ए-दीन होने के साथ-साथ सूफी शायर थे। आपके कलाम उर्दू, अरबी, फारसी कई जुबानो में हैं। आपके मुरीदीन लाखों की तादाद में हिन्दुस्तान और उसके बाहर हैं। उर्स में शिरकत करने वालों में खानदान के लोगों के साथ बड़ी संख्या में अकीदतमंद खानकाह ए नियाजिया पहुंचे। अकीदतमंदों को लंगर बांटा गया। डॉ. कमाल मियां नियाजी, जाहिद मियां नियाजी, अब्बास मियां नियाजी, कासिम मियां नियाजी, राजी मियां नियाजी, जुनैदी मियां नियाजी, अस्करी मियां नियाजी, जामी मियां नियाजी, हमजा मियां नियाजी, कायम मियां नियाजी मौजूद रहे।।
बरेली से कपिल यादव
