बरेली। जनपद के थाना कैंट क्षेत्र के लाल फाटक पुल के पास तथा बुखारा मोड़ से लेकर वभिया तक क्यारा रोड तक आवारा पशुओं का आतंक रहता है। इस क्षेत्र मे हमलावर सांड आए दिन राहगीरों पर हमला करते रहते हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग लगातार लापरवाही करते रहे। इसी लापरवाही में सांड के हमले मे किसान की जान चली गई। इसके बाद सोया हुआ सिस्टम जागा और सांड को बेहोश करके चौबारी स्थित गौशाला भिजवाया। बभिया निवासी मुनेंद्र ने बताया कि इलाके मे छुट्टा पशुओं का आतंक है। उन्होंने कहा कि इलाके में बहुत छुट्टा पशु है लेकिन इस सांड़ को मंगलवार को कोई यहां छोड़कर गया था। गांव में कोई गौशाला नही है। शहर से पकड़े जाने वाले छुट्टा पशुओं को गांव में छोड़ दिया जाता है। इस सांड़ को भी कोई छोड़ गया था। हमले मे किसान की मौत की खबर सुनकर पशु चिकित्सकों की टीम ने मौके पर पहुंच कर सांड को बेहोश करके चौबारी स्थित गौशाला में भिजवाया। बताया जा रहा है कि सांड हिंसक हो गया था। इससे पहले भी पिछले साल सांड के हमले से ठिरिया निजावत खां रोड पर जा रहे बुजुर्ग की भी मौत हुई थी और एक वकील को सांड ने गंभीर घायल कर दिया था। वही 70 वर्षीय किसान रामफेर पाराशर अविवाहित थे। परिजनों ने बताया कि वह खेती-किसानी करके अपना जीवन यापन कर रहे थे। परिजनों ने आरोप लगाया कि जंगली सांड पहले भी कई लोगों पर हमला कर चुका है लेकिन ग्राम प्रधान समेत संबंधित जिम्मेदारों ने कोई ठोस कार्रवाई नही की। उनका कहना है कि लापरवाही के कारण ही उनके चाचा की जान गई है।।
बरेली से कपिल यादव
