बरेली। नगर निगम की पुनरीक्षित विशेष बजट बैठक मे उस समय जमकर हंगामा हुआ। जब पर्षदों ने टैक्स विभाग की टैक्स कार्यप्रणाली, स्वास्थ्य विभाग को कुत्ते व बंदर पकड़ने के अभियान की पोल खोलकर रख दी। सदन की कार्यवाही शुरू होने से अंत तक इन मुदों पर खमा, तकरार और विरोध होता रहा। नगर निगम की घटती आय पर पार्षदों ने अधिकारियों को घेरा। सदन मे शोर-शराबे और आरोप-प्रत्यारोप के बीच आखिरकार 978 करोड़ रुपये के बजट पर मुहर लगा दी गई। शहर मे 7 हजार लाइटे खरीदने की अनुमति मिली। मेयर डॉ. उमेश गौतम की अध्यक्षता मे सोमवार की सुबह 11 बजे नगर निगम सभागार में बोर्ड की पुरीक्षित बजट की बैठक शुरू होते ही माहौल गर्म हो गया। सपा पार्षद दल के नेता गौरव सक्सेना ने टैक्स विभाग के घपलों का आरोप लगाते हुए अधिकारियों की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाएं। उन्होंने कहा कि टैक्स बसूली लगातार घट रही है, जिससे नगर निगम की आय प्रभावित हो रही है, पर जिम्मेदार सिर्फ खानापूर्ति कर रहे है। पार्षदों ने कहा कि शहर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन की व्यवस्था बेपटरी है। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन मे लगी एजेंसियों को खुली छूट दी जा रही है। इस पर बैठक में चर्चा हुई, लेकिन सुधार के ठोस कदम नहीं उठाए गए। हंगामा होता कई बार मेयर ने पार्षदों को चेतावनी देते हुए सदन की गरिमा बनाए रखने को कहा। वहीं बैठक मे अंत तक चले हंगामे के बीच 970 करोड़ रुपये के पुनरीक्षित बजट को मंजूरी दे दी गई। शहर मे कई स्थानों पर विज्ञापन लगे हुए है, जबकि उनके टेंडर ही नही हुए। अधिकांश विज्ञापन पट्टों पर संबंधित एजेंसी का नाम तक अंकित नही है, जो निकायों का खुला उल्लंघन है।।
बरेली से कपिल यादव
