बरेली। सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और हादसों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से गुरुवार को आयुक्त सभागार में मंडलायुक्त भूपेंद्र एस चौधरी ने मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की। शून्य मृत्यु जिले (जीरो फेटालिटी डिस्ट्रिक्ट) कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर जिलों में सड़क सुरक्षा की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त कर ठोस रोडमैप तैयार के बारे में बताया। बैठक में सड़क इंजीनियरिंग सुधार, प्रभावी प्रवर्तन, जन-जागरूकता, त्वरित चिकित्सा सेवाएं और आंकड़ा आधारित प्रबंधन पर चर्चा हुई, ताकि सड़क हादसों में कमी लाई जा सके। आरटीओ प्रवर्तन प्रणव झा ने जीवन बचाओ फाउंडेशन के सहयोग से तैयार किए गए महत्वपूर्ण मार्गों की जानकारी देते हुए बताया कि इन मार्गों पर त्वरित चिकित्सा सुविधा और एम्बुलेंस तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस अधीक्षक यातायात अकमल खा ने बताया कि 22 विशेष टीमों का गठन किया है, जो महत्वपूर्ण मार्गों पर वाहनों को होल्डिंग क्षेत्र तक पहुंचाने, अवैध पार्किंग हटाने और दुर्घटना जांच सुनिश्चित करने का कार्य करेंगी। बैठक में स्पष्ट किया गया कि अब ढिलाई और अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर विभाग को जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्य निभाने होंगे। मंडलायुक्त ने सड़क सुरक्षा को निर्देश दिए कि सभी ढाबों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और निर्माण स्थलों पर मानक अनुरूप संकेतक बोर्ड लगाए जाएं और संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रबंधकीय शल्य चिकित्सा कक्ष की व्यवस्था की जाए। पीलीभीत जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-730 को चौड़ा करने के लिए राष्ट्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों को चिकित्सा विज्ञान में प्रशिक्षण प्राप्त कराने के प्रस्ताव तैयार करने को कहा, ताकि दुर्घटना पीड़ितों को वेहतर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जा सके। ग्राम स्तर पर गति अवरोधक निर्माण, संकेतक बोर्ड और जागरूकता अभियान चलाने के मंडल के सभी जिलों के परिवहन अधिकारियों को निर्देश जारी किए। बैठक में मंडल के चारों जिलों के पुलिस, परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य आदि विभाग के अधिकारी शामिल थे।।
बरेली से कपिल यादव
