श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन राजा परीक्षित की कथा का लिया आनंद

बरेली/फतेहगंज पश्चिमी। भिटौरा रेलवे स्टेशन के पास चल रही श्रीमद्भागवत कथा में विद्वान कथावाचक स्वामी कृष्णाचार्य महाराज ने कहा कि राजा परीक्षित की कथा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि राजा परीक्षित अर्जुन के पोते व अभिमन्यु के पुत्र थे। संसार सागर से पार करने वाली नौका रुपी भागवत का प्रचार इन्हीं द्वारा हुआ। उन्होंने कहा जरासंध नाम का एक राजा था। भगवान कृष्ण ने धर्मराज के राजसूय यज्ञ के संदर्भ में पांडवों की चर्चा की। कथावाचक स्वामी कृष्णाचार्य ने कहा कि सत्संग व्यक्ति को कुमार्ग से बचाता है। हमें कुसंगति का क्या करना चाहिए। श्री कृष्ण आचार्य महाराज ने भागवत कथा के तीसरे दिन व्यक्ति से अच्छा आचरण व व्यवहार करने सदमार्ग पर चलने पर बल दिया। स्वामी ने सभी श्रोताओं के प्रति आशीर्वाद देते हुए कहा कि भागवत कथा बड़े भाग से सुनने को मिलती है। कथा से पूर्व आयोजक विनोद कुमार पांडे, प्रेमपाल सिंह, रामपाल शंखधार, सुरेश चौहान, सूर्य प्रकाश पाठक ने श्री कृष्ण आचार्य जी का तिलक लगाकर माल्यार्पण कर स्वागत व अभिनंदन किया।।

बरेली से कपिल यादव

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