लोको पायलटों का प्रदर्शन: 2009 के बाद कैडर रिव्यू नहीं होने से नाराज

बरेली। रेलवे में ट्रेनों के सुरक्षित संचालन की जिम्मेदारी संभालने वाले लोको रनिंग स्टाफ ने गुरुवार को अपने कैडर में सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन के आह्वान पर बरेली सहित देशभर में सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक यह प्रदर्शन किया गया। संगठन ने स्पष्ट किया कि इस दौरान रेल संचालन प्रभावित नहीं हुआ, क्योंकि रनिंग स्टाफ ने ड्यूटी और आंदोलन के बीच समन्वय बनाए रखा। बरेली शाखा के सचिव सुभाष भास्कर ने बताया कि उनकी मुख्य मांग केवल वेतन वृद्धि नहीं है, बल्कि लोको रनिंग स्टाफ के पूरे कैडर का नए सिरे से जॉब एनालिसिस और पुनर्गठन करना है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 के बाद से रनिंग कैडर का अपेक्षित पुनर्गठन नहीं हुआ है, जबकि रेलवे की अन्य श्रेणियों में समय-समय पर पदों का पुनर्गठन किया गया है। सुभाष भास्कर के अनुसार सहायक लोको पायलट रनिंग स्टाफ की बुनियादी कड़ी होते हैं, जिनकी भर्ती अपेक्षाकृत कम ग्रेड पे पर होती है। जिम्मेदारी बढ़ने के साथ वे लोको पायलट शंटर, गुड्स, पैसेंजर और मेल जैसी श्रेणियों में पदोन्नत होते हैं। हालांकि, संगठन का मानना है कि बढ़ती जिम्मेदारी के अनुरूप वेतनमान और कैडर संरचना में पर्याप्त अंतर नहीं है। इसी आधार पर एसोसिएशन ने सहायक लोको पायलट के लिए 4200, लोको पायलट गुड्स के लिए 4600, पैसेंजर के लिए 4800 और मेल के लिए 5400 ग्रेड पे की मांग की है। संगठन का तर्क है कि कार्य की जिम्मेदारी और दबाव का विश्लेषण कर उसी के आधार पर पदों और वेतनमान का निर्धारण होना चाहिए। सचिव सुभाष भास्कर ने बताया कि यह आंदोलन केवल बरेली तक सीमित नहीं था बल्कि देशभर में एक ही समय पर आयोजित किया गया। उन्होंने दोहराया कि प्रदर्शन के बावजूद रेल संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा, क्योंकि कुछ कर्मचारी ट्रेन संचालन की ड्यूटी निभाते रहे, जबकि अन्य ड्यूटी से बाहर रहकर प्रदर्शन में शामिल हुए। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो आगे की रणनीति केंद्रीय कमेटी के निर्देशों के आधार पर तय की जाएगी।।

बरेली से कपिल यादव

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *