भोजीपुरा, बरेली। दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर स्थित ढाबे मे जिस्मफरोशी का धंधा चल रहा था। एएसपी शिवम आशुतोष सिंह ने बताया कि भोजीपुरा पुलिस को बड़ा बाईपास स्थित अपना ढाबा में सेक्स रैकेट संचालित होने की सूचना मिली थी। इस पर इंस्पेक्टर राजीव सिंह और महिला शक्ति केंद्र की टीम के साथ घेराबंदी कर ढाबा पर छापा मारकर पूरे रैकेट का भंडाफोड़ कर दिया। देह व्यापार मे शामिल ढावा संचालक समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया। ढाबा पर बने कमरों की तलाशी लेने पर उनमें तीन महिलाएं और तीन पुरुष आपत्तिजनक हालत में मिलने पर गिरफ्तार कर लिए गए। आरोपियों के कब्जे से आपत्तिजनक सामग्री, 2200 रुपये, दो वाहन एक स्कूटी, एक बाइक और सात मोबाइल बरामद किए है। पूछताछ मे सामने आया कि तीनों महिलाएं, बहेड़ी, इज्जतनगर और उत्तराखंड मे ऊधमसिंहनगर के कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली है। गिरफ्तार आरोपियों मे इज्जतनगर के गिरधारीपुर निवासी शोभाराम, देवरनिया के मोहल्ला हिसामुद्दीन निवासी नाजिम, मोहल्ला इस्लामुद्दीन निवासी परवेज और दिव्यांग ढाबा संचालक रामपुर मे थाना शहजादपुर के गांव मेघानगला निवासी कुंवरपाल भी शामिल है। पूछताछ मे सामने आया कि यह ढाबा बिथरी चैनपुर मे रामगंगानगर निवासी रिटायर्ड दरोगा का है। उसकी पुलिस तलाश कर रही है। पूछताछ मे महिलाओं ने बताया कि वे हाईवे किनारे खड़ी होकर ग्राहक फंसाकर ढाबा के कमरों मे लेकर आती थी। उन्हें जो रकम मिलती थी। उसमें ढाबा मालिक व संचालक को हिस्सा देना पड़ता था। अगर ढाबा संचालक कोई ग्राहक बुलाता था तो उसके बदले उन्हें 500 रुपये प्रति व्यक्ति मिलता था। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। ढावा मालिक गजेंद्र सिंह फरार है।।
बरेली से कपिल यादव
