बरेली। रामगंगा चौबारी मेले के प्रबंधकों और प्रशासन के बीच गुरुवार को सौहार्दपूर्ण वातावरण मे बैठक हुई। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रबंधकों की कई आशंकाओं का समाधान किया। प्रबंधकों ने भी प्रशासन को गाइडलाइन के अनुरूप मेला लगवाने पर सहमति दी। तय हुआ कि झूलों का स्थान सड़क से दूर रखा जाएगा। प्रबंधक-प्राशासन मिलकर मेले की ऐतिहासिक बनाएंगे। चौबारी मेला इस वर्ष अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण करने जा रहा है। बुधवार को सभी 19 मेला प्रबन्धकों ने अधिकारियों के रुख से नाराज होते हुए मेला प्रबंधन मे असमर्थता जताई थी। खबर प्रकाशित होने के बाद गुरुवार को एडीएम ई पूर्णिमा सिंह, एसपी सिटी मानुष पारीक, सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री, एसडीएम प्रमोद कुमार मेला स्थल पर पहुंचे। वहां प्रबंधकों के साथ वार्ता की गई। उनको प्रशासनिक गाइडलाइन के विषय मे बताया गया। प्रबंधकों ने प्रशासन की बात को समझा और मेले को अच्छी तरह से लगाने का फैसला किया। प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद तय हुआ कि झूलों को सड़क के किनारे नही लगाया जाएगा। चौबारी मेले मे मौत का कुआ लगाने की इजाजत नही मिली है। गांव के लोग इसकी मांग कर रहे थे। सुरक्षा के मद्देनजर इसे लगाने की अनुमति नही दी गई। चौबारी मेले में घोड़ों का बड़े स्तर पर कारोबार होता है। मेले मे दूर-दूर से कारोबारी पहुंचने लगे है। लोग मेले के लिए अपने घोड़ों को तैयार कर रहे हैं। मेले में घोड़ों की रेस का बड़ा आकर्षण रहता है।।
बरेली से कपिल यादव
