बरेली। पर्वतीय लोकगीत, संगीत के साथ 30 वें उत्तरायणी मेले का शुभारंभ मंगलवार को रंग यात्रा के साथ बरेली क्लब मैदान पर हुआ। तीन दिवसीय मेले का उद्घाटन जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर विरेंद्रानंद महाराज ने किया। इस दौरान पहाड़ी संस्कृति के रंग देखने को मिले। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। रंगयात्रा सुबह कोतवाली से शुरू होकर पटेल चौक, चौकी चौराहा से सर्किट हाउस होते हुए बरेली क्लब मैदान पर पहुंची। रंगयात्रा को महामंडलेश्वर विरेंद्रानंद महाराज और पार्थ गौतम ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रंगयात्रा में छोलिया कलाकारों के नृत्य करतब ने सभी को आकर्षित किया। बरेली क्लब मैदान पहुंचने पर रंगयात्रा का समिति के पदाधिकारियों ने स्वागत किया। श्री टिबरीनाथ सांग्वेद संस्कृत महाविद्यालय ग्रालय की ओर से मंत्रोच्चार और दीप प्रज्ज्वलित के साथ मेले का आरंभ किया गया। स्वामी विरेंद्रानंद ने अर्थ कुंभ और उज्जैन महाकुंभ में आने को सभी न्योता दिया। निर्धन बच्चों की शिक्षा अपने स्कूल से फ्री देने का आश्वासन भी दिया। रंग शोका समाज की ओर से स्वामी को सम्मानित किया गया। स्मारिका का विमोचन किया गया। बरेली की लोकल टीमों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर शानदार प्रस्तुतियां दीं। हल्द्वानी से आए कमल सिंह मेहरा और खटीमा से पूणर्णागिरि देवभूमि उत्थान से राजेंद्र मेहता की टीमों ने प्रस्तुतियों ने समा बांध दिया। गायक कलाकार सूरज प्रकाश और संगीता सोनल ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर किया। वही छोलिया दल ने नृत्य की प्रस्तुति दी। मेले में लगे 150 से अधिक स्टॉल पर पहले दिन ग्राहकों की भीड़ दिखी। पहले दिन समिति के अध्यक्ष अमित पंत, महामंत्री मनोज पांडेय, कोषाध्यक्ष कमलेश बिष्ट, रमेश शर्मा, मुकुल भट्ट, तारा जोशी, भुवन पांडेय, मेला प्रभारी चंदन नेगी, रमेश चंद्र, डॉ. नवीन उप्रेती, प्रभात गैरोला डॉ. विनोद पागरानी, डॉ. कर्नल रमेश महर, गिरीश पांडेय, सुमन देव कुकरेती, एनडी पांडेय, दिनेश रौथाण, रामू चंद, पदम रावत, पूरन मेहरा, प्रकाश जोशी, ब्रजेश मिश्रा, बसंत लेखक, रामेश्वर पांडेय आदि का विशेष सहयोग रहा। संचालन युवा बाल साहित्यकार इंजीनियर ललित शौर्य ने किया।।
बरेली से कपिल यादव
