मिनख जमारो फैरू नी आवैसी चाहे कर लो आप लाख जतन …..

बाड़मेर/राजस्थान- खींवसर के भावण्डा गांव में कालका माताजी के मंदिर में चल रही साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा के आज छठे दिवस के अवसर आज श्रीमद्भागवत कथा में वर्णन में कथा वाचक पं•रामकिशोर दाधिच (काजू) ने भगवान श्रीकृष्ण के अनमोल शब्दों को प्रकटीकरण करते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने असुरनी पुतना का उद्धार किया वह तृष्णा वर्त वह अनेकों असुरों का उद्धार किया वह गिरीराज पर्वत एवं चिरहरण की कथा सुनाई और पं• रामकिशोर दाधिच ने कहा कि भगवान हमेशा अपने भक्तों के वश में होते हैं और जब जब भारत भूमि पर असुरी शक्तियां बढ़ती है तब तब भगवान धर्म की स्थापना करनें के लिए और अपने भक्तों की रक्षा करने के लिए पृथ्वी पर अवतार लेते हैं l

रामकिशोर दाधिच ने कहा भगवान के उपर अटुट विश्वास रखना चाहिए और शास्त्रों में पिता को आकाश तथा माता को पृथ्वी के समान माना गया है,इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को माता पिता की सेवा करनी चाहिए अपने घर परिवार में गौमाता की सेवा करनी चाहिए घर आएं हुए संत महात्माओं एवं मेहमानों का आदर सत्कार करना चाहिए भूखे को भोजन एवं प्यासे को पानी पिलाना चाहिए l

पंडित रामकिशोर दाधिच ने कहा कि पशु पक्षियों की सेवा करनी चाहिए तथा चिट्यों को भी दाना देना चाहिए और परमात्मा ने हमें मनुष्य इसलिए बनाया है कि हम ज्यादा से ज्यादा परमार्थ सेवा कार्य करने चाहिए इस अवसर पर अखिल भारतीय मानव सेवा मोर्चा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेमसिंह भावण्डा सहित कृष्ण कथा सुनने वाले सैकड़ों भक्त मौजूद रहे।

– राजस्थान से राजूचारण

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *