मनरेगा का नाम बदलना महात्मा गांधी का अपमान, सरकार इसे बंद करने की साजिश कर रही है : मेवाराम जैन

राजस्थान/बाड़मेर- मनरेगा बचाओ जनआंदोलन के तहत आज बाड़मेर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मातासर एवं बांदरा में आयोजित सभाओं को बाड़मेर के पूर्व विधायक मेवाराम जैन ने संबोधित किया। सभा को संबोधित करते हुए मेवाराम जैन ने कहा कि महात्मा गांधी केवल भारत ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण विश्व में सम्मानित हैं। विश्व के अनेक देशों में उनकी प्रतिमाएं स्थापित हैं और वे उनका सम्मान करते हैं, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी के नाम से बनी आम गरीबों की रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलना और उसमें संशोधन करना सीधे तौर पर गांधीजी का अपमान है। जैन ने कहा कि जिस प्रकार से मनरेगा कानून में संशोधन किए जा रहे हैं, उससे स्पष्ट है कि भाजपा सरकार इस योजना को बंद करने की दिशा में काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार को बने दो वर्ष से अधिक समय हो चुका है, लेकिन आमजन के हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में भारी अव्यवस्थाएं हैं, न जांचें हो रही हैं और न ही दवाइयां उपलब्ध हैं। गांवों में पानी की सप्लाई बाधित है, मनरेगा का भुगतान लंबित है और पंचायतों को समय पर बजट नहीं दिया जा रहा है, ऐसे में ग्रामीण विकास कैसे संभव होगा।

मेवाराम जैन ने मतदाता सूची को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काटे जा रहे हैं। जिन नागरिकों के पास 1995 के वोटर कार्ड हैं, उनके नाम 2002 की सूची में किसी कारणवश नहीं होने पर हटाए जा रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए अत्यंत चिंताजनक है। तानाशाही रवैये का जवाब जनता आने वाले समय में देगी।

इस अवसर पर नवनिर्वाचित एससी प्रकोष्ठ बाड़मेर ग्रामीण अध्यक्ष खेताराम लीलावत एवं जिला उपाध्यक्ष धनाराम बृजवाल का ग्रामीणों द्वारा स्वागत किया गया। ग्रामीणों ने मेवाराम जैन एवं प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व का आभार जताया।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शैम्भूसिंह चुली, धनाराम बृजवाल जिला उपाध्यक्ष, एससी विभाग बाड़मेर, खेताराम लीलावत ब्लॉक अध्यक्ष बाड़मेर ग्रामीण, एससी विभाग, किशोर सिंह महेचा, पदम सिंह राठौड़, गाजी खान मेहर, फ़ुसाराम, लालसिंह, धर्मसिंह, कूपसिंह, हाजी अलाबक्स मेहर, रेशमखान मगलिया, रामसिंह, छोटूसिंह महेचा, तेजसिंह, मदनसिंह, किरतसिंह, भीमाराम , हरिराम सऊ, गिरधारी सऊ, रामाराम परिहार, खंगाराराम , ईशराराम, दीपाराम भील, रमेशकुमार, चोथाराम, भगताराम मेघवाल, रमेश ईशराम, चनेशर मेहर, गेनाराम पन्नू, लूणाराम, जसवंतसिंह राठौड़, उमेदसिंह, डाऊराम, मोहनसिंह, जैसाराम मेघवाल, खेराजराम, बालाराम, चेलाराम, राणसिंह, पूराराम, तगाराम भील,महिला मंडल से नेनू देवी, शांति देवी, लक्ष्मी देवी, सुनीता कंवर, खेतु देवी, मंजू देवी, मीना देवी सहित महिलाएं एव बड़ी तादाद में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

– राजस्थान से राजूचारण

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