राजस्थान/बाड़मेर- बाड़मेर जिले में सर्दी के मौसम के बदलाव होने पर पतझड़ ऋतु का आगमन होता है लेकिन बाड़मेर शहरी क्षेत्रों में सड़कों के किनारे पर बबूल की झाडीयो की अधिकता होने के कारण जगह जगह बबूल की झाडीयो पर काले मच्छरों की संख्या हजारों लाखों की तादाद में लोगों को पेदल चलने पर, दुपहिया वाहनों से निकलने वाले लोगों ओर सफेद रंग के कपड़े पहन कर निकल रहें लोगों के कपड़ों की सूरत ही बिगाड़ देता है। सड़कों पर चलनेवाले वाहनों के चालकों की आंखों पर ओर पूरे चेहरे पर भी हेलमेट लगाने के बावजूद भी कालिया मच्छर और काले डंक लगते ही सड़कों पर एकदम से दुपहिया वाहनों के ब्रेक लगा रहें हैं।
सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों की खास जानकारों के मुताबिक कालू माली बताते हैं कि राज्य में सबसे ज्यादा मरीज बाड़मेर जिले में ही है जो महामारी का रूप ले रही है। माना की मौसम परिवर्तन होने के कारण , बिमारियों के आगमन की सूचना देने के लिए ही हर जगह पर विशेष रूप से यह काले मच्छरों की भरमार है। सड़क किनारे नालियों में पानी को इकट्ठा नहीं होने दें, कचरे के ढेर पर विशेष रूप से मच्छरों के लार्वा पैदा होता है जो कईं तरह के अन्य रोगों को निमंत्रण देता है ।
कालिया मच्छरों से बचाव करने के लिए नगर परिषद ओर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मिलकर फोगिंग और अन्य रोकथाम वाली दवाईयों का छिड़काव करें। पहले भी कालिया मच्छरों के बाद भयानक रूप ले चुका था लेकिन स्वास्थ्य और नगर परिषद सहित कई विभागों की सजगता से बचाव हो गया था कहीं कहीं पर लोगों ने बबूल की झाडियाँ जलाकर काले डंक वाले मच्छर और मक्खियों से छुटकारा पाने की कोशिश कर रहे हैं साथ ही आग को भी बुझा लेते हैं ताकि कोई बड़ा विकराल रूप न लें।
– राजस्थान से राजूचारण
