बरेली। डिजिटल दौर मे जब युवाओं की दुनिया मोबाइल स्क्रीन तक सिमटती जा रही है। ऐसे समय मे एसआरएमएस में बीपीटी तृतीय वर्ष के छात्र शत्रुघ्न शर्मा ने द अनवांटेड अगस्त किताब लिखी है। उन्होंने अपनी पहली पुस्तक के माध्यम से युवाओं को फिर से किताबों से जुड़ने की अपील की है। शत्रुघ्न ने बताते हैं कि यह कृति सिर्फ एक प्रेम कहानी नही बल्कि किस्मत, अधूरी इच्छाओं और अचानक बदलते सच की परतों को गहराई से उधेड़ती है। कहानी के केंद्र में श्रेय और अग्रिता है। जिनका रिश्ता समय और परिस्थितियों के साथ परिपक्व होता है। जैसे-जैसे कथा आगे बढ़ती है। पाठक उसमें पूरी तरह डूब जाता है लेकिन अंतिम मोड़ पर लेखक कहानी को ऐसे सवालों के साथ छोड़ देता है। जिनके उत्तर पाठक स्वयं तलाशने को मजबूर हो जाता है। उपन्यास मे बनारस, लखनऊ और और सोरों जैसे शहरों को लेखक ने बेहद संवेदनशीलता के साथ उकेरा है। यह पुस्तक उन्होंने अपने दादा स्वर्गीय रामकुमार शर्मा को समर्पित की है, जिनसे उन्हें सोचने और लिखने की प्रेरणा मिली। ‘द अनवांटेड अगस्त’ फिलहाल गूगल प्ले बुक्स पर उपलब्ध है। जल्द ही यह पुस्तक हार्डकॉपी के रूप में अमेजन और फ्लिपकार्ट पर भी उपलब्ध होगी।।
बरेली से कपिल यादव
