सहारनपुर। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद स्थित ‘इमामबारगाह खादिजा-तुल-कुबरा’ में जुमे की नमाज के दौरान हुए आत्मघाती आतंकी हमले और शिया समुदाय के लक्षित नरसंहार के विरुद्ध आज सहारनपुर के शिया समाज और कर्बला प्रबंधन में भारी रोष देखने को मिला। सोमवार को कर्बला प्रबंधक अबू तालिब जैदी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
कड़े कूटनीतिक कदमों की मांग
ज्ञापन के माध्यम से अबू तालिब जैदी ने पाकिस्तान सरकार की विफलता पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि वहां धार्मिक अल्पसंख्यकों, विशेषकर शिया समुदाय की सुरक्षा करने में सरकार पूर्णतः विफल रही है। ज्ञापन में भारत सरकार से मांग की गई है कि:
पाकिस्तान के साथ कूटनीतिक संबंधों पर पुनर्विचार किया जाए।
नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग को तत्काल प्रभाव से बंद करने जैसे कठोर कदम उठाए जाएं।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान पर दबाव बनाया जाए ताकि निर्दोष नागरिकों और धार्मिक स्थलों को भविष्य में निशाना न बनाया जा सके।
भारत की गंगा-जमुनी तहजीब की सराहना
ज्ञापन में इस बात का भी गर्व से उल्लेख किया गया कि भारत जैसे लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र में शिया समुदाय अल्पसंख्यक होने के बावजूद पूर्ण स्वतंत्रता, सम्मान और सुरक्षा के साथ अपने धार्मिक आयोजन करता है। यहाँ का प्रशासन हर स्तर पर सुरक्षा के लिए साथ खड़ा रहता है, जबकि पड़ोसी देश में इबादतगाहें भी सुरक्षित नहीं हैं।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे मौजूद
आज जिलाधिकारी कार्यालय पर ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से अथर अब्बास (प्रबंधक बड़ा इमामबाड़ा सहारनपुर), आमिर अली, सैय्यद जिया, अली हवारी और रविश आब्दी सहित शिया समुदाय के अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में निर्दोष नमाजियों पर हुए हमले को मानवता के विरुद्ध अपराध करार दिया।
– सहारनपुर से रविश आब्दी
