बरेली। पंचायत चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने बरेली जिलाध्यक्ष सहित बरेली की सभी कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया। उन्होंने कार्यकारिणी भंग किए जाने की जानकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष व राष्ट्रीय महासचिव प्रो. राम गोपाल यादव को दे दी है। सूत्रों के अनुसार, यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब एसआईआर से जुड़ी गतिविधियां चल रही हैं और पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज हो रही हैं। इसी दौरान बीते कुछ महीनों से बरेली सपा संगठन अंदरूनी कलह, गुटबाजी और विवादों से जूझ रहा था। जिसकी लगातार शिकायतें लखनऊ तक पहुंच रही थीं। पार्टी नेतृत्व को आशंका थी कि मौजूदा संगठनात्मक ढांचे के साथ चुनावी मैदान में उतरना राजनीतिक रूप से जोखिम भरा साबित हो सकता है। शिवचरण कश्यप लंबे समय से विवादों में घिरे हुए थे। कभी कथित हनीट्रैप और वीडियो वायरल होने की चर्चाएं तो कभी पार्टी पदाधिकारियों से टकराव, कार्यकर्ताओं से मारपीट और टिकट वितरण में पक्षपात जैसे आरोप उन पर लगते रहे। इन घटनाओं ने न सिर्फ उनकी व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचाया। आपको बता दें कि बरेली मे इन दिनों समाजवादी पार्टी के नेताओं मे वर्चस्व की जंग चल रही है। बीते दिनों एसआईआर को लेकर विशेष बैठक बुलाई गई थी। जिसमें अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई थी। सोमवार शाम शिवचरण कश्यप को एक ओर जिलाध्यक्ष पद से हटाया गया, वहीं तुरंत उन्हें प्रदेश कार्यकारिणी का सदस्य भी बना दिया गया। इस पर शिवचरण ने कहा कि वह पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ता थे और रहेंगे। पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी, उसे वह ईमानदारी से निभाएंगे।
बरेली से कपिल यादव
