मीरगंज, बरेली। जनपद के थाना मीरगंज क्षेत्र मे पीलाखार और भाखड़ा नदी के संगम पर घड़ियाल और मगरमच्छों की मौजूदगी ने जौनेर गांव में दहशत का माहौल बना दिया है। मंगलवार को डीएफओ दीक्षा भंडारी के निर्देश पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची लेकिन तीन घंटे तक चले अभियान के बाद भी एक भी घड़ियाल व मगरमच्छ पकड़ मे नही आया। वन विभाग की टीम जब नदी किनारे पहुंची थी। उसी समय घड़ियाल और मगरमच्छ किनारे पर धूप सेंकते दिखाई दिए। दोनों पूरी तरह स्पष्ट नजर आ रहे थे। लेकिन रेस्क्यू टीम की हलचल शुरू हुई तो घड़ियाल और मगरमच्छ तेजी से पानी मे चले गए। टीम ने घंटों इंतजार किया मगर कोई सफलता नही मिली। रेस्क्यू दल मे डिप्टी रेंजर मुकेश कुमार, वन दरोगा छत्रपाल सिंह, फॉरेस्ट गार्ड छेदालाल, वनरक्षक ज्ञानदीप, जतिन सिंह, ललिता यादव, माली हेमराज और सुनील शामिल थे। टीम ने नदी किनारे बने संभावित ठिकानों की कई बार तलाशी ली और घड़ियाल-मगरमच्छ के दोबारा बाहर आने का इंतजार करती रही। टीम लगभग तीन घंटे तक सतर्क खड़ी रही लेकिन घड़ियाल और मगरमच्छ फिर किनारे पर नही लौटे। ग्रामीणों का कहना है कि बीते कई दिनों से कुत्तों के गायब होने की घटनाएं बढ़ी है। कई लोगों ने देखा कि मगरमच्छ कुत्तों को पानी में खींचकर ले गया। नदी मे घड़ियाल और मगरमच्छ होने से गांव में भय का माहौल है। ग्रामीण महिलाओं, बच्चों और पशुपालकों ने नदी किनारे जाना बंद कर दिया है। डीएफओ दीक्षा भंडारी ने बताया कि जौनेर का इलाका संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि रेस्क्यू टीम दोबारा भेजी जाएगी और नदी किनारे चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे। ग्रामीणों से नदी किनारे न जाने और पूरी सावधानी बरतने की अपील की गई है।।
बरेली से कपिल यादव
